अस्पताल पर इलाज के नाम पर मौत का आरोप
बरेली के सनराइज अस्पताल पर गलत इलाज से मौत और आयुष्मान घोटाले का आरोप। तीसरे दिन भी धरना जारी, कार्रवाई न होने पर बढ़ा आक्रोश।
सनराइज अस्पताल कांड पर तीसरे दिन भी धरना जारी
परिजनों का आरोप गलत इलाज से हुई मौत
आयुष्मान योजना में लाखों की अवैध वसूली का मामला
कार्रवाई न होने से प्रशासन और पुलिस पर उठे सवाल
हसीन दानिश । जन माध्यम
बरेली। जब इलाज की उम्मीद लेकर कोई अस्पताल जाता है और वहीं से उसकी मौत की खबर आती है, तो सवाल सिर्फ मौत का नहीं, पूरे सिस्टम की नीयत का होता है।
तीसरे दिन भी जारी धरना, प्रशासन खामोश
सनराइज अस्पताल कांड अब जनआक्रोश का रूप ले चुका है। सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में पीड़ित परिवार का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी है, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। परिजन खुले शब्दों में कह रहे हैं अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और बड़ा होगा।
“गलत इलाज से हुई मौत”, गंभीर आरोप
धरने पर बैठे परिजनों का आरोप है कि 25 सितंबर 2025 को भर्ती किए गए उर्वेश यादव की 2 अक्टूबर को हुई मौत सामान्य नहीं, बल्कि गलत इलाज का नतीजा है। उनका कहना है कि अस्पताल संचालक डॉक्टर रेहान अहमद, जो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हैं, उन्होंने लीवर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज किया, जो उनकी विशेषज्ञता से बाहर था। मेडिकल बोर्ड की जांच में भी डॉक्टर को दोषी ठहराया गया है यह आरोप अब और भी गंभीर हो गया है।
आयुष्मान योजना में घोटाले का आरोप
मामला यहीं नहीं रुका। परिजनों का कहना है कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उनसे करीब साढ़े पांच लाख रुपये वसूले गए, जबकि बिल सिर्फ 2.70 लाख रुपये का दिया गया। जांच में 2.70 लाख रुपये की अवैध वसूली की पुष्टि भी हुई, जिसे वापस कराया गया, लेकिन बाकी रकम का कोई हिसाब नहीं है। सवाल यह है क्या गरीबों के इलाज के लिए बनी योजना भी लूट का जरिया बन चुकी है?
पुलिस जांच पर भी उठे सवाल
धरने पर बैठे परिवार ने पुलिस जांच पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवेचक मुनेंद्र सिंह समझौते का दबाव बना रहे हैं और आरोपियों से बातचीत करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बावजूद उचित धाराएं नहीं बढ़ाई जा रहीं और मामला तीन महीने से लटका हुआ है। यह स्थिति न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।