मुरादनगर थाने के दो पुलिसकर्मी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

मेरठ एंटी-करप्शन टीम ने मुरादनगर थाने में तैनात महिला उपनिरीक्षक और हेड कांस्टेबल को दहेज उत्पीड़न केस में रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। 50 हजार रुपये लेते समय थाने में ही ट्रैप किया गया।

मुरादनगर थाने के दो पुलिसकर्मी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
HIGHLIGHTS:

➡️ मुरादनगर थाने में महिला SI और हेड कांस्टेबल गिरफ्तार
➡️ दहेज उत्पीड़न केस में नाम हटाने के बदले मांगी थी रिश्वत
➡️ दो लाख की डिमांड, 50 हजार लेते समय ट्रैप
➡️ एंटी-करप्शन टीम ने थाने में ही की कार्रवाई
➡️ केमिकल टेस्ट में रिश्वत लेना साबित
➡️ पुलिस महकमे में हड़कंप, विभागीय जांच शुरू

हशमे/ जन माध्यम
मेरठ (गाजियाबाद)। मुरादनगर थाना परिसर में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब मेरठ एंटी-करप्शन यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाने में तैनात महिला उपनिरीक्षक और एक हेड कांस्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई दहेज उत्पीड़न के एक मामले में रिश्वत मांगने की शिकायत के बाद की गई।

गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में महिला उपनिरीक्षक प्रिया सिंह, पिंक बूथ प्रभारी मुरादनगर थाना (2023 बैच) और हेड कांस्टेबल शाहिद (कुछ रिकॉर्ड में शाहिद अली) शामिल हैं। आरोप है कि दोनों ने मिलकर दहेज प्रताड़ना के एक मुकदमे में नाम हटाने, धाराएं कम करने और परिवार के सदस्यों को जेल से बचाने के बदले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस और शेष राशि बाद में देने की बात तय हुई थी।

यह मामला 12 अक्टूबर 2025 को मुरादनगर थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न केस से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रजनीश त्यागी, निवासी खड़खड़ी गांव, हापुड़ (वर्तमान में मेरठ जिले में राजस्व लेखपाल), की पत्नी चंचल ने मुरादनगर के डिडौली गांव से शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में रजनीश को जेल भी जाना पड़ा था, बाद में वह जमानत पर रिहा हुआ। जांच अधिकारी प्रिया सिंह पर आरोप है कि उन्होंने रजनीश के माता-पिता और अन्य परिजनों के नाम मुकदमे से हटाने के बदले रिश्वत की मांग की और रकम न देने पर जेल भेजने की धमकी दी।

रिश्वत से परेशान होकर रजनीश त्यागी ने मेरठ एंटी-करप्शन टीम से शिकायत की। टीम ने एसीपी अमित सक्सेना और प्रभारी कृष्णापाल सिंह के नेतृत्व में जाल बिछाया। केमिकल लगे 50 हजार रुपये के नोट देकर रजनीश को थाने भेजा गया। जैसे ही रकम प्रिया सिंह और शाहिद को दी गई, टीम ने दबिश दी। हाथ धुलवाने पर केमिकल का रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेना प्रमाणित हो गया।

दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर मोदीनगर थाने ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बरामद रिश्वत की रकम को सील कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद गाजियाबाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे “खाकी पर दाग” बताते हुए पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। एंटी-करप्शन टीम की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।