बरेली: शाही-फतेहगंज मार्ग के गड्ढों ने बाइक सवार को किया लहूलुहान; भड़के ग्रामीणों ने सड़क पर बल्लियां गाड़ शुरू की खुदाई, सीओ ने रुकवाया काम

बरेली के शाही-फतेहगंज पश्चिमी मार्ग पर खरसैनी के पास गड्ढे की वजह से बाइक दुर्घटना में युवक का पैर फ्रैक्चर हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर कुर्सियां और बल्लियां रखकर खुद डिवाइडर बनाना शुरू कर दिया, जिसे सीओ मीरगंज के निर्देश पर पुलिस ने रुकवाया।

बरेली: शाही-फतेहगंज मार्ग के गड्ढों ने बाइक सवार को किया लहूलुहान; भड़के ग्रामीणों ने सड़क पर बल्लियां गाड़ शुरू की खुदाई, सीओ ने रुकवाया काम
HIGHLIGHTS:

शाही-फतेहगंज पश्चिमी मार्ग पर खरसैनी के पास बाइक गड्ढे में फिसलने से स्थानीय युवक पीतम का पैर गंभीर रूप से फ्रैक्चर हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रशासन की बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को सड़क के बीचों-बीच प्लास्टिक की कुर्सियां और बल्लियां लगाकर खुद ही डिवाइडर खोदना शुरू कर दिया।

सड़क पर खुदाई की खबर मिलते ही सीओ मीरगंज अजय कुमार के निर्देश पर पहुंची शाही पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर काम रुकवाया और जाम खुलवाय।

तहसील समाधान दिवस में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत देने पर पीडब्ल्यूडी (PWD) ने 15 दिन में पैचवर्क का वादा किया था, जो एक महीने बाद भी अधूरा है।

जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासनिक अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते शाही-फतेहगंज पश्चिमी मार्ग इन दिनों राहगीरों के लिए 'मौत का हाईवे' बन चुका है। बुधवार की रात इस जर्जर मार्ग पर स्थित खरसैनी गांव के पास जानलेवा गड्ढों ने एक और स्थानीय युवक को लहूलुहान कर दिया। हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों का सब्र का बांध गुरुवार को टूट गया और उन्होंने सरकारी तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए खुद ही सड़क पर उतरकर बल्लियां गाड़ दीं और डिवाइडर बनाने के लिए सड़क की खुदाई शुरू कर दी।

प्राप्त विवरण के अनुसार, बुधवार रात खरसैनी निवासी पीतम बाइक से अपने घर लौट रहा था। शाही से फतेहगंज पश्चिमी को जोड़ने वाले इस 10 किलोमीटर लंबे मुख्य मार्ग पर सैकड़ों की तादाद में गहरे गड्ढे बने हुए हैं। अंधेरा होने के कारण पीतम की बाइक एक गहरे गड्ढे में अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि भारी-भरकम बाइक पीतम के ऊपर ही गिर गई, जिससे उसका पैर बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया। पैर का मांस बुरी तरह फटने के कारण डॉक्टरों को मर्च्युरी/अस्पताल में दर्जनों टांके लगाने पड़े। घायल को फिलहाल एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।

इस हादसे के विरोध में गुरुवार सुबह खरसैनी गांव के दर्जनों गुस्साए पुरुष और युवा सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों के भीतर इस पैच पर एक दर्जन से अधिक लोग दुर्घटना का शिकार होकर अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ चुके हैं। सरकार द्वारा सुध न लिए जाने पर ग्रामीणों ने खुद ही सड़क के बीच अवैध और जानलेवा कट बंद करने के लिए डिवाइडर निर्माण का ऐलान कर दिया।

सड़क के बीचों-बीच ग्रामीणों द्वारा बैरिकेडिंग कर खुदाई किए जाने की भनक लगते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। क्षेत्राधिकारी मीरगंज अजय कुमार तुरंत एक्शन में आए और उनके निर्देश पर शाही थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को कानून हाथ में न लेने की हिदायत देते हुए समझा-बुझाकर शांत कराया और अवैध खुदाई के काम को रुकवाकर कुर्सियां व बल्लियां हटवाईं।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के सामने लोक निर्माण विभाग के अफसरों की पोल खोलते हुए बताया कि पिछले महीने कुल्छा गांव निवासी राम स्वरूप के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने तहसील समाधान दिवस, मीरगंज में खुद जिलाधिकारी  बरेली के समक्ष उपस्थित होकर इस मार्ग को गड्ढा मुक्त करने हेतु लिखित प्रार्थना पत्र दिया था। उस समय डीएम की मौजूदगी में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने 15 दिनों के भीतर पैचवर्क पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।