आशा वर्कर यूनियन यूपी की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने दिया इस्तीफा, संगठन में मची खलबली

आशा वर्कर यूनियन उत्तर प्रदेश की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने अपने पद से स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है। त्यागपत्र में निजी कारणों का हवाला देने के बावजूद अंदरूनी कलह और नए संगठन के गठन की चर्चाएं तेज हैं।

आशा वर्कर यूनियन यूपी की प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने दिया इस्तीफा, संगठन में मची खलबली
HIGHLIGHTS:

आशा वर्कर यूनियन उत्तर प्रदेश की कद्दावर नेता और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने अचानक अपने पद से स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है।

लक्ष्मी देवी ने लिखित तौर पर स्पष्ट किया है कि यह उनका निजी फैसला है और उन्हें संगठन के किसी भी सदस्य या पदाधिकारी से कोई शिकायत नहीं है।

आधिकारिक तौर पर निजी कारण बताए जाने के बावजूद सूत्रों के हवाले से खबर है कि संगठन में काम करने के दौरान आ रही दिक्कतों के चलते यह कदम उठाया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद से ही सूबे की आशा बहुओं के बीच नए और मजबूत संगठन के गठन को लेकर गुप्त बैठकें और रणनीतियां शुरू हो गई हैं।

जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश में आशा बहुओं और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के हक की आवाज बुलंद करने वाले सबसे बड़े संगठनों में से एक, 'आशा वर्कर यूनियन उत्तर प्रदेश' में उस वक्त सियासी भूचाल आ गया, जब संगठन की रीढ़ मानी जाने वाली प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी देवी ने अचानक अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। लक्ष्मी देवी के इस अप्रत्याशित कदम के बाद पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे और कर्मचारी संगठनों में खलबली मच गई है।

लक्ष्मी देवी ने संगठन की कोर कमेटी को भेजे अपने आधिकारिक त्यागपत्र में यह पूरी तरह स्पष्ट किया है कि उनका यह निर्णय पूरी तरह से व्यक्तिगत है। वे अपनी मर्जी, बिना किसी बाहरी दबाव और बिल्कुल शांत मन से इस गरिमापूर्ण पद को छोड़ रही हैं।

अपने बयान में उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफे को लेकर किसी भी प्रकार के विवाद, आंतरिक मतभेद या मनमुटाव जैसी अफवाहों को हवा न दी जाए। उन्हें संगठन के किसी भी छोटे-बड़े पदाधिकारी, प्रांतीय सदस्य या मैदानी कार्यकर्ता से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने संगठन के साथ बिताए गए लंबे समय को अपने जीवन का एक शानदार और स्मरणीय अध्याय बताया और सभी साथियों द्वारा अब तक मिले अभूतपूर्व सहयोग के लिए दिल से आभार व्यक्त किया।

यद्यपि लक्ष्मी देवी ने बेहद गरिमापूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से अपना इस्तीफा सौंपकर उसे तत्काल स्वीकार करने का अनुरोध किया है, लेकिन संगठन के भीतरखाने की चर्चाएं कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।

यूनियन से जुड़े अंदरूनी सूत्रों और विश्वस्त सूत्रों से मिल रही खबरों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से संगठन के भीतर कार्यप्रणाली को लेकर कुछ अड़चनें और वैचारिक परेशानियां खड़ी हो रही थीं, जिससे सहज होकर काम करना मुश्किल साबित हो रहा था। इसी खींचतान से तंग आकर उन्होंने दूरी बनाना बेहतर समझा।

लक्ष्मी देवी के इस इस्तीफे के बाद उत्तर प्रदेश के आशा वर्कर आंदोलन में एक नए युग की शुरुआत के कयास लगाए जा रहे हैं। राजनैतिक गलियारों और कर्मचारी संघों में यह चर्चा अत्यंत जोरों पर है कि लक्ष्मी देवी जल्द ही अपने समर्थकों और जमीनी कार्यकर्ताओं को बटोरकर एक नए, स्वतंत्र और अधिक आक्रामक संगठन की घोषणा कर सकती हैं, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वहीं दूसरी ओर, मौजूदा यूनियन में अब नए प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर आंतरिक लॉबिंग और नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।