चित्र-विचित्र महाराज ने दिया टीबी मुक्त भारत का संदेश

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रसिद्ध भजन गायक चित्र-विचित्र महाराज ने लोगों से टीबी के लक्षणों को गंभीरता से लेने, समय पर जांच कराने और पूरा इलाज कराने की अपील की।

चित्र-विचित्र महाराज ने दिया टीबी मुक्त भारत का संदेश
HIGHLIGHTS:

चित्र-विचित्र महाराज ने टीबी के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

समय पर जांच और पूरा इलाज कराने पर दिया जोर।

टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान।

जन माध्यम
मथुरा
प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे 100 दिवसीय सघन टीबी खोज अभियान को जनआंदोलन बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी क्रम में देश के प्रसिद्ध भजन गायक चित्र-विचित्र महाराज ने लोगों से टीबी के प्रति जागरूक रहने, समय पर जांच कराने और उपचार पूरा करने की अपील की है।

अपने संदेश में चित्र-विचित्र महाराज ने कहा कि टीबी एक गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन समय पर पहचान और सही उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, कमजोरी या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्याएं हों तो उसे तुरंत जांच करानी चाहिए।

उन्होंने लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देते हुए कहा कि देर से जांच कराने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और परिवार के अन्य सदस्यों तक भी फैल सकती है।

चित्र-विचित्र महाराज ने कहा कि सरकार द्वारा टीबी की जांच और उपचार की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे में किसी भी व्यक्ति को झिझक या भय के कारण जांच और इलाज से दूर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों की सलाह के अनुसार पूरा उपचार लेने पर भी जोर दिया।

उन्होंने धार्मिक, सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों से टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि जनजागरूकता और सामूहिक प्रयासों से ही देश को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजीव यादव ने कहा कि चित्र-विचित्र महाराज जैसी लोकप्रिय धार्मिक हस्तियों के संदेश आमजन तक तेजी से पहुंचते हैं। इससे स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है और टीबी मुक्त भारत अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलता है।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मरीजों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर टीबी के प्रति फैली भ्रांतियों को भी दूर करना है।