छात्रवृत्ति पेंडेंसी पर सख्ती

बरेली में डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में छात्रवृत्ति के लंबित आवेदनों के निस्तारण को लेकर बैठक हुई। डीएम ने शत-प्रतिशत निस्तारण और किसी भी स्तर पर लापरवाही न करने के निर्देश दिए।

छात्रवृत्ति पेंडेंसी पर सख्ती
HIGHLIGHTS:

➡️ डीएम की अध्यक्षता में छात्रवृत्ति पेंडेंसी पर बैठक
➡️ शत-प्रतिशत निस्तारण के सख्त निर्देश
➡️ लापरवाही और टालमटोल बर्दाश्त नहीं
➡️ शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर कार्य तेज करने के आदेश
➡️ सुबह और देर रात पोर्टल उपयोग पर जोर
➡️ जरूरतमंद छात्रों के हित को बताया प्राथमिकता
➡️ सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश

जन माध्यम। बरेली।

छात्रों के भविष्य से जुड़ी छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त न करने के स्पष्ट निर्देश के साथ डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में छात्रवृत्ति से संबंधित लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।बैठक में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

डीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत जो भी लंबित प्रकरण हैं, उन्हें शत-प्रतिशत पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल सरकार की प्राथमिकता है, बल्कि उन हजारों विद्यार्थियों की उम्मीद भी है, जिनके सपनों की डोर इस सहायता से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता या टालमटोल स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान डीएम ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालय शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर छात्रवृत्ति से संबंधित डाटा फॉरवर्ड कराने और फीडिंग का कार्य तेज़ी से पूरा करें। उन्होंने तकनीकी पहलुओं पर भी ध्यान दिलाते हुए कहा कि सुबह और देर रात्रि के समय पोर्टल पर लोड कम रहता है, इसलिए इन समयों का बेहतर उपयोग कर अधिकतम कार्य कराया जाए, जिससे लंबित आवेदन शीघ्रता से निस्तारित हो सकें।

डीएम ने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति केवल एक आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आगे बढ़ने का माध्यम है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि कोई भी पात्र छात्र सिर्फ तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से इस लाभ से वंचित न रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों और संस्थानों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।