कान्हा उपवन की व्यवस्थाओं पर गौ सेवकों ने उठाए सवाल
बरेली में कान्हा उपवन गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गौ सेवकों और हिंदू संगठनों ने सवाल उठाए हैं। समिति ने सात दिन में जांच और कार्रवाई की मांग की है।
गौशाला में चारा, पानी, उपचार और रखरखाव को लेकर अनियमितताओं के आरोप।
पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग।
समिति ने सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जन माध्यम
बरेली। नगर निगम द्वारा संचालित कान्हा उपवन गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर गौ सेवकों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने सवाल उठाए हैं। कान्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति ने प्रेस वार्ता कर गोवंश की कथित बदहाल स्थिति, अव्यवस्थाओं और पशुओं के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
समिति की ओर से पंकज पाठक और सोनू ठाकुर ने कहा कि निरीक्षण और सेवा कार्य के दौरान चारा, पानी, उपचार तथा रखरखाव से जुड़ी शिकायतें सामने आई हैं। समिति का आरोप है कि गोवंश के संरक्षण के लिए उपलब्ध संसाधनों का पूरा लाभ पशुओं तक नहीं पहुंच रहा है।
समिति ने नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह की भूमिका की भी स्वतंत्र जांच की मांग की है। साथ ही मेरठ स्थित उनके पूर्व तैनाती स्थल कान्हा उपवन गौशाला से जुड़े मामलों की एफआईआर, जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई के अभिलेखों को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की गई।
समिति ने गौशाला में गोवंश की मौत, चारा आपूर्ति, चिकित्सा व्यवस्था, स्टॉक और भुगतान रजिस्टर समेत संबंधित अभिलेखों की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग भी रखी गई।
संघर्ष समिति ने प्रशासन को सात दिन का समय देते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो गौ सेवक और हिंदू संगठन लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत तरीके से आंदोलन करेंगे। समिति ने कहा कि अभियान किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि गोवंश संरक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कराने के लिए है।