मासूम की चीख ने हिला दी वर्दी

जिला अस्पताल कांड में एसएसपी का बड़ा एक्शन, कोतवाल लाइन हाजिर और चौकी प्रभारी निलंबित

मासूम की चीख ने हिला दी वर्दी
HIGHLIGHTS:

मासूम को इंसाफ़, लापरवाहों पर कार्रवाई एसएसपी का सख्त संदेश।

वर्दी से बड़ी जवाबदेही लापरवाही पर एसएसपी का कड़ा एक्शन।

मासूम की मौत पर चूक भारी, एसएसपी ने तय की जवाबदेही।

जन माध्यम 
गोरखपुर।
जिला अस्पताल से 10 वर्षीय मासूम के अपहरण, दुष्कर्म और निर्मम हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे शहर की रूह को झकझोर दिया। मासूम की चीखें भले ही खामोश हो गईं, लेकिन इंसाफ़ की पुकार अब भी गूंज रही है। इसी पुकार को गंभीरता से सुनते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने तत्काल और कड़ा प्रशासनिक कदम उठाकर साफ संदेश दिया कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जवाबदेही और विश्वास की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया, जबकि नगर निगम चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक दीपशिखा को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए। यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश मानी जा रही है।

एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जांच की जाए। यदि जांच के दौरान किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका अथवा लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। आमजन की नाराज़गी और पीड़ित परिवार का दर्द प्रशासन के लिए एक बड़ी कसौटी बन गया है। ऐसे समय में एसएसपी द्वारा त्वरित कार्रवाई ने यह भरोसा मजबूत किया है कि कानून के सामने किसी भी प्रकार की लापरवाही को संरक्षण नहीं मिलेगा।

यह कदम उन सभी के लिए स्पष्ट संदेश है कि वर्दी का सम्मान केवल ईमानदार कर्तव्यनिष्ठा से ही कायम रह सकता है। मासूम को वापस तो नहीं लाया जा सकता, लेकिन दोषियों और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय कर न्याय की राह को मजबूत किया जा सकता है। यही एक संवेदनशील और जवाबदेह पुलिस व्यवस्था की असली पहचान है।