सुबह-सुबह खुल रहे मयखाने, बेटियों का रास्ता दुश्वार
बरेली में निर्धारित समय से पहले शराब की दुकानें खुलने के आरोपों पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। स्कूल जाने वाली छात्राओं और महिलाओं को परेशानी होने का भी आरोप है।
निर्धारित समय से पहले शराब की दुकानें खुलने के आरोपों पर स्थानीय लोगों ने जताई चिंता।
स्कूल जाने वाली छात्राओं और महिलाओं को दुकानों के आसपास परेशानी होने का आरोप।
आबकारी विभाग की कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल।
जन माध्यम
बरेली। सुबह का वक्त, जब छात्राएं स्कूल जाने के लिए घरों से निकलती हैं और अभिभावक उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। आरोप है कि शहर के कुछ इलाकों में इसी समय शराब की दुकानों के शटर उठ जाते हैं और निर्धारित समय से पहले ही शराब बिक्री शुरू हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब की दुकानों के आसपास शराब खरीदने वालों और नशे में लोगों का जमावड़ा रहने से सुबह स्कूल जाने वाली बच्चियों और महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि इस तरह का माहौल छात्राओं के आवागमन को प्रभावित करता है।
स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्धारित समय से पहले दुकानों के खुलने की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
लोगों का कहना है कि एक ओर शराब कारोबार में मंदी और ठेकेदारों के घाटे की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर कुछ दुकानों के निर्धारित समय से पहले खुलने के आरोप सामने आते रहते हैं। ऐसे में नियमों के पालन को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मामले में आबकारी अधिकारी से निर्धारित समय से पहले दुकानें खुलने और विभागीय कार्रवाई को लेकर पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और आबकारी विभाग से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है, ताकि सुबह के समय छात्राओं और महिलाओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।