बरेली: देवरनियां समेत सवा सौ गांवों में 24 घंटे से ब्लैकआउट
बरेली के देवरनियां में दोहना-भोजीपुरा से आ रही 33 हजार की मुख्य लाइन के खंभे आंधी में धराशायी होने से कस्बा सहित 125 गांवों की बत्ती 24 घंटे से गुल है। भीषण गर्मी के बीच बिजलीकर्मी मरम्मत कार्य में जुटे हैं।
भोजीपुरा के चौपारा के पास आंधी में पेड़ गिरने से 33 हजार की मुख्य लाइन के 3-4 खंभे जमींदोज, कस्बा और 125 गांवों की आपूर्ति ठप।
24 घंटे से लगातार बिजली गुल रहने के कारण भीषण उमस में घरों के भीतर महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे बुरी तरह बेहाल।
जेई सुशील कुमार मिश्रा की अगुवाई में मरम्मत कार्य जारी, सपा यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव मोहसीन उद्दीन ने कर्मियों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की।
इकरार/जन माध्यम
देवरनियां, बरेली। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच देवरनियां और आसपास के ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है। सोमवार शाम भोजीपुरा क्षेत्र में आई तेज आंधी के कारण हुए तकनीकी फॉल्ट और खंभे टूटने की वजह से कस्बा देवरनियां सहित क्षेत्र के लगभग 125 गांवों की बिजली आपूर्ति पिछले 24 घंटे से पूरी तरह ठप पड़ी है। भीषण गर्मी और उमस के इस दौर में बिजली न होने से पूरे इलाके में त्राहि-त्राहि मची हुई है और विभागीय लापरवाही को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है।
दरअसल, नगर पंचायत देवरनियां और उससे जुड़े सवा सौ गांवों को निर्बाध बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी कस्बा स्थित 33/11 केवीए बिजलीघर की है। इस सब-स्टेशन को 132 केवीए बिजलीघर दोहना से 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के जरिए इनपुट मिलता है। यह हाईटेंशन लाइन काफी लंबे जंगलों के रास्ते और एक बड़ी नहर को पार करती हुई देवरनियां तक पहुंचती है।
क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि यह पूरा रूट बेहद संवेदनशील है; जरा सी आंधी या पानी बरसने पर पेड़ गिरने से तार टूटने और खंभे उखड़ने की समस्या यहां आम हो चुकी है, जिससे लोग अब पूरी तरह अजीज आ चुके हैं। ताजा मामले में, सोमवार शाम करीब 4 बजे भोजीपुरा के चौपारा के पास आए अंधड़ के कारण लाइन के ऊपर भारी-भरकम पेड़ गिर गए, जिससे तीन से चार पोल बीच से टूटकर जमींदोज हो गए।
मंगलवार को दूसरे दिन भी हाईटेंशन लाइन को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया जा सका, जिससे संकट और गहरा गया। हालांकि, ग्राउंड जीरो पर देवरनियां बिजलीघर के अवर अभियंता सुशील कुमार मिश्रा अपनी पूरी तकनीकी टीम और लाइनमैनों के साथ जंगलों के बीच खंभों को दोबारा खड़ा कराने और तारों को खींचने के काम में पूरी शिद्दत से जुटे रहे। बिजली चालू होने का कोई आधिकारिक समय तो घोषित नहीं किया गया है, लेकिन विभाग के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यदि कार्य में कोई नया व्यवधान नहीं आया तो मंगलवार देर शाम तक आपूर्ति आंशिक रूप से बहाल होने की प्रबल संभावना है। इस गंभीर संकट के बीच जब स्थानीय मीडिया ने देवरनियां के उप खंड अधिकारी से पक्ष जानना चाहा, तो उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

जहां एक ओर सूरज की तपिश और लू के कारण आम नागरिकों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो रहा है, वहीं बिजलीघर के संविदा कर्मचारी और लाइनमैन जंगलों के दुर्गम रास्तों में गिरे हुए पोल सही करने के लिए पसीना बहा रहे हैं। कर्मचारियों के इस जज्बे और भीषण गर्मी से उनकी बेहाली को देखते हुए समाजवादी पार्टी यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय सचिव व नगर पंचायत सभासद प्रतिनिधि मोहसीन उद्दीन खुद ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। वह सुबह से भूखे-प्यासे काम में जुटे कर्मचारियों के लिए ठंडे पानी के जार लेकर पहुंचे और उन्हें पानी पिलाकर बड़ी राहत दी। मोहसीन उद्दीन ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जनता के लिए काम कर रहे ये कर्मचारी असल सम्मान के हकदार हैं।