कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र बड़ा फैसला: सावन के चारों सोमवार छात्रों की रहेगी छुट्टी
डीएम अविनाश सिंह के आदेश पर स्कूल-कॉलेज विद्यार्थियों के लिए बंद, शिक्षक-कर्मचारी रहेंगे उपस्थित
सावन के चारों सोमवार विद्यार्थियों के लिए रहेगा अवकाश।
शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी नियमित समय पर संस्थानों में रहेंगे उपस्थित।
पूर्व निर्धारित विश्वविद्यालय और बोर्ड परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी।
जन माध्यम
बरेली। सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान शहर में भारी भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनज़र महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सावन के चारों सोमवार 3, 10, 17 और 24 अगस्त को जिले के निर्धारित सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया है। हालांकि इन दिनों शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को नियमित समय पर उपस्थित होकर शासकीय एवं प्रशासनिक कार्यों का संपादन करना होगा।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार से पहले रविवार रात से ही बड़ी संख्या में कांवड़िए बरेली के सातों नाथ मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचना शुरू कर देते हैं। सोमवार सुबह जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं की वापसी के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर कई घंटों तक भारी यातायात दबाव और जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा तथा आवागमन में होने वाली परेशानियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।आदेश के तहत बरेली महानगर के सभी यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई तथा अन्य बोर्डों से संचालित सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली रोड और बदायूं रोड के पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी महाविद्यालय, तकनीकी संस्थान, आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं अन्य शिक्षण संस्थान भी इस आदेश के दायरे में शामिल किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारों सोमवार विद्यार्थियों की कक्षाएं पूरी तरह स्थगित रहेंगी, जबकि शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ को संस्थानों में उपस्थित रहकर आवश्यक शासकीय कार्यों का निस्तारण करना होगा, ताकि प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित न हों।जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विश्वविद्यालय, शिक्षा बोर्ड अथवा आयोग की पूर्व निर्धारित परीक्षा इन तिथियों पर प्रस्तावित है, तो वह अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगी। परीक्षा कार्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है।जिला प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।