गौकशी में एसएसपी की सख्त कार्रवाई

आंवला में गौकशी रोकने में चूक पर SSP ने हल्का प्रभारी, बीट लिंक, PRV स्टाफ समेत 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया, होमगार्ड पर भी कार्रवाई।

गौकशी में एसएसपी की सख्त कार्रवाई
HIGHLIGHTS:

➡️ आंवला गौकशी में लापरवाही पर SSP की बड़ी कार्रवाई
➡️ हल्का प्रभारी राजकुमार, बीट लिंक शमशेर अली सस्पेंड
➡️ PRV स्टाफ इमरान, पंकज कुमार भी निलंबित
➡️ होमगार्ड चालक आस मोहम्मद पर कार्रवाई की संस्तुति
➡️ गौवंश संरक्षण में चूक बर्दाश्त नहीं
➡️ SSP अनुराग आर्य का संदेश: जीरो टॉलरेंस, 100% जवाबदेही

आंवला सर्किल में लापरवाही बर्दाश्त नहीं चार पुलिसकर्मी निलंबित, होमगार्ड पर भी कार्रवाई की संस्तुति

जन माध्यम 
बरेली।
जिले में गौवंशीय घटनाओं पर अंकुश लगाने में लापरवाही अब किसी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी और इसका ताज़ा और कड़ा उदाहरण गुरुवार को सामने आया, जब एसएसपी अनुराग आर्य ने आंवला सर्किल में हुई गौकशी की घटना के बाद तत्काल प्रभाव से चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई अपने आप में एक स्पष्ट संदेश है कि  ड्यूटी से खिलवाड़ करने वालों की कोई जगह नहीं, चाहे वह हल्का प्रभारी हो, बीट का लिंक, या फिर पीआरवी पर तैनात कर्मचारी। थाना आंवला क्षेत्र में घटित गौकशी की घटना ने पूरे विभाग को झकझोर दिया था। घटना को रोका जा सकता था, लेकिन ड्यूटी पर तैनात चार पुलिसकर्मी घोर लापरवाही में पकड़े गए। उनकी इस चूक ने न सिर्फ कानून व्यवस्था को नुकसान पहुँचाया, बल्कि अपराधियों के हौसलों को भी हवा दी।
लेकिन एसएसपी अनुराग आर्य की त्वरित कार्रवाई ने प्रशासनिक सख्ती की नई मिसाल पेश कर दी।
एसएसपी तुरंत बिना देर किए
 हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक राजकुमार,बीट लिंक मुख्य आरक्षी शमशेर अली,मुख्य आरक्षी मोहम्मद इमरान PRV 0168,कांस्टेबल पंकज कुमार PRV 0168,
इतना ही नहीं, PRV के चालक होमगार्ड आस मोहम्मद के खिलाफ भी रिपोर्ट भेजकर कार्यवाही की संस्तुति की गई है। यह पूरा मामला दर्शाता है कि एसएसपी की प्राथमिकता बिल्कुल साफ है
लापरवाही के लिए जीरो टॉलरेंस  और जिम्मेदारी के लिए 100% अकाउंटेलिया एसएसपी अनुराग आर्य लंबे समय से पुलिस को ऐसी चुस्त इकाई में बदलने में जुटे हैं जहाँ ढिलाई की कोई गुंजाइश न बचे। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि विभागीय ढांचे को चूहे की तरह खोखला करने वाली लापरवाही, रिश्वतखोरी और बीट तंत्र की सुस्ती अब जिले में टिकने वाली नहीं।
गौकशी जैसे संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दे पर पुलिस की ज़रा सी चूक भी बड़े बवाल का कारण बन सकती है। ऐसे में एसएसपी की निर्णायक और बिना झिझक की गई सख्त कार्रवाई ने पुलिस विभाग के भीतर भय, अनुशासन और जवाबदेही की नई रेखा खींच दी है।
यह सिर्फ निलंबन नहीं, बल्कि सिस्टम को झकझोरने वाला ‘चेतावनी का बिगुल’ है।
जिले में बढ़ती पेशेवर पुलिसिंग, तेज़ रेस्पॉन्स और ज़मीन पर उतरकर जिम्मेदारी निभाने की संस्कृति को मजबूत करने के लिए ऐसे निर्णयों की आवश्यकता थी। इस कार्रवाई से बीट सिपाहियों से लेकर थानों तक साफ संदेश गया है कि अगर जनता की सुरक्षा से समझौता किया, तो कुर्सी हाथ से गई समझो। पुलिस विभाग में अब चर्चा तेज कि जो बताता है कि जिले में अब काम चलेगा वाली मानसिकता नहीं, बल्कि काम करना ही पड़ेगा का दौर शुरू हो चुका है। पुलिस की छवि को धार देने वाली यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई और विभागीय सुधारों की भूमिका तैयार करती दिख रही है।