बरेली: पुलिस विवेचना पर उठे सवाल, एसएसपी से जांच बदलने की मांग

बरेली में मुकदमा संख्या 396/2026 की विवेचना पर गंभीर सवाल। वादी ने चौकी इंचार्ज पर लगाया आरोपियों को बचाने का आरोप, एसएसपी से की शिकायत।

बरेली: पुलिस विवेचना पर उठे सवाल, एसएसपी से जांच बदलने की मांग
HIGHLIGHTS:

मुकदमा संख्या 396/2026 की विवेचना में नामजद आरोपियों को बचाने का लगा आरोप।

वादी का दावा: पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद कुछ आरोपियों के नाम हटाने की चल रही तैयारी।

वर्तमान विवेचक को हटाकर किसी अन्य अधिकारी से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग।

हसीन दानिश, बरेली।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में थाना बारादरी क्षेत्र के एक मुकदमे की विवेचना को लेकर पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। मुकदमे के वादी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर कांकरटोला चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वादी का कहना है कि विवेचना को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने के बजाय आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुकदमा संख्या 396/2026 में नामजद कुछ आरोपियों के नाम विवेचना के दौरान हटाने की चर्चा चल रही है। वादी का दावा है कि जब उन्होंने इस संबंध में विवेचक से जवाब मांगा, तो उन्हें कथित तौर पर कहा गया कि विवेचना उनके हाथ में है और वही तय करेंगे कि मुकदमे में आगे क्या होगा।

इसके साथ ही, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 2025 के बलवा प्रकरणों में भी पर्याप्त साक्ष्य होने के बावजूद कुछ आरोपियों को लाभ पहुंचाया गया। उनका कहना है कि विवेचक की कथित नजदीकियों के चलते कार्रवाई प्रभावित हो रही है और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वादी ने एसएसपी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही वर्तमान विवेचक को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को जांच सौंपी जाए।

सोशल मीडिया पर सामने आए शिकायती पत्र के बाद अब पुलिस विभाग की कार्यशैली और विवेचना की निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, शिकायत पत्र में लगाए गए ये आरोप पूरी तरह से व्यक्तिगत हैं और इनकी असल सच्चाई पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी।