विवादित जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप, भाजपा नेता समेत कई लोगों पर निष्पक्ष जांच की मांग

बरेली में मोहम्मद मज़हर ने प्रेसवार्ता कर विवादित भूमि पर कथित अवैध कब्जे, निर्माण के प्रयास, झूठी एफआईआर और आर्थिक धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

विवादित जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप, भाजपा नेता समेत कई लोगों पर निष्पक्ष जांच की मांग
HIGHLIGHTS:

मोहम्मद मज़हर ने विवादित भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण के प्रयास का आरोप लगाया।

भाजपा नेता सहित कई लोगों के खिलाफ निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

कथित झूठी एफआईआर और 19.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों की भी जांच कराने की मांग।

जन माध्यम
बरेली। 
आकाशपुरम निवासी मोहम्मद मज़हर ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर विवादित भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण कराए जाने के प्रयास का आरोप लगाया। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद कुछ लोग प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया की अनदेखी कर विवादित भूमि पर निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रेसवार्ता में मोहम्मद मज़हर ने बताया कि उनके अनुसार उनके पार्टनर अशोक कपूर ने 22 फरवरी 2023 को 1157 वर्ग गज भूमि का बैनामा कराया था। इस भूमि से संबंधित रजिस्ट्री, खतौनी, टैक्स रसीद और बिजली कनेक्शन सहित सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं। इसके बावजूद जून 2026 में विवादित भूमि पर निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता राधे गुर्जर अपने सहयोगियों के साथ न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर अवैध निर्माण कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी सूचना स्थानीय पुलिस, चौकी प्रभारी, डायल-112 तथा वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार दी गई, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मोहम्मद मज़हर ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाने और भूमि पर कब्जा करने की नीयत से एक झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। उन्होंने एफआईआर दर्ज होने की परिस्थितियों और समय पर सवाल उठाते हुए इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
प्रेसवार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने स्वयं को भूमि स्वामी बताकर 19 लाख 50 हजार रुपये लेकर धोखाधड़ी की है। उन्होंने रजिस्ट्री प्रक्रिया, भूमि से जुड़े दस्तावेजों और कथित आर्थिक लेनदेन की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।मोहम्मद मज़हर ने बताया कि इस भूमि से जुड़े पार्टनरों में देव नारायण पटेल (मिलक, रामपुर), अशोक कपूर तथा वे स्वयं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उनकी केवल यही मांग है कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री, डीजीपी तथा राजस्व विभाग से विवादित भूमि, रजिस्ट्री प्रक्रिया, दर्ज एफआईआर और 19.50 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई।
वहीं, इस संबंध में जब भाजपा नेता राधे गुर्जर से फ़ोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने मोहम्मद मज़हर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। राधे गुर्जर ने कहा कि "आज के समय में कोई भी किसी पर आरोप लगा सकता है। जिस जमीन की बात की जा रही है, उसे मैंने विधिवत खरीदा है और मेरे पास उसका वैध बैनामा मौजूद है। यह जमीन विवादित नहीं है, बल्कि पूरी तरह फ्रेश जमीन है, जिसे मैंने कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदा है।" उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं।