बरेली: पुलिस पर मिलीभगत के आरोप, एसएसपी से न्याय की गुहार

बरेली में चौकी इंचार्ज पर आरोपियों से साठ-गांठ और दहेज प्रताड़ना के मामलों में SSP से शिकायत। पीड़ितों ने लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग।

बरेली: पुलिस पर मिलीभगत के आरोप, एसएसपी से न्याय की गुहार
बरेली एसएसपी कार्यालय के बाहर न्याय की मांग करते हुए पीड़ित परिवार की फाइल फोटो
HIGHLIGHTS:

कांकरटोला चौकी इंचार्ज पर मुल्जिमों से साठ-गांठ और पक्षपात करने का आरोप।

दहेज प्रताड़ना का विरोध करने पर महिला और उसके बेटों पर जानलेवा हमले का दावा।

पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से लगाई निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार।

रविन्द्र सिंह, बरेली।

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावों के बीच पुलिस कर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। थाना बारादरी क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में पीड़ितों ने पुलिस पर अनदेखी और आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है।

थाना बारादरी क्षेत्र की कांकरटोला चौकी का एक मामला दर्ज मुकदमे (मु०अ०सं०-396/2026) की विवेचना से जुड़ा है। पीड़ित पक्ष की फरजाना और अमरीन ने आरोप लगाया है कि साजिद सकलैनी के परिवार और उनके बेटे शारिक ने उनके घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की। अमरीन के मुताबिक, आरोपी ने उनके सिर पर लोहे की भारी सरिया से हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

पीड़ितों का दावा है कि इस घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर चौकी पहुंचे, तो उनकी सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कांकरटोला चौकी इंचार्ज जावेद अख्तर पर पक्षपात करने और आरोपियों से साठ-गांठ करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी रसूख की धौंस दे रहे हैं और विवेचक उन्हें ही डरा-धमका रहे हैं।

बारादरी क्षेत्र की ही एक अन्य महिला ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की है। महिला का आरोप है कि शादी के 10 वर्ष बाद भी उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और दो बेटों सहित घर से निकाल दिया गया था।

पीड़िता के अनुसार, 1 जून 2026 को जब वह ससुराल पहुंची, तो वहां विवाद हुआ और लोहे के डंडे से हमला कर उसकी मां को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। महिला का दावा है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग होने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।

दोनों ही मामलों में पीड़ित पक्षों ने बरेली के कप्तान को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, ये सभी आरोप अभी जांच का विषय हैं और पुलिस प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी। अब देखना यह होगा कि इन गंभीर शिकायतों पर पुलिस के आला अधिकारी क्या रुख अपनाते हैं।