दलित महिला हत्याकांड पर राष्ट्रपति को ज्ञापन
मेरठ के कपसाड़ में दलित महिला हत्याकांड व बेटी के अपहरण पर आजाद अधिकार सेना ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
➡️ दलित महिला हत्याकांड पर राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन
➡️ मुख्य आरोपी फरार, 20 वर्षीय बेटी अब तक लापता
➡️ एससी/एसटी एक्ट के बावजूद कार्रवाई में ढिलाई का आरोप
➡️ SIT/CBI जांच और एक करोड़ मुआवजे की मांग
➡️ कार्रवाई न होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
हशमे आलम/ जन माध्यम |
मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के ग्राम कपसाड़ (कपसाड) में 8 जनवरी 2026 को हुई दलित महिला सुनीता देवी की नृशंस हत्या और उनकी 20 वर्षीय पुत्री रूबी के अपहरण की जघन्य घटना को लेकर आजाद अधिकार सेना ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक संयुक्त ज्ञापन सौंपा। संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने यह ज्ञापन मेरठ मंडल अध्यक्ष मास्टर अब्दुल अजीज के नेतृत्व में प्रेषित किया।
ज्ञापन में राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेंद्र सिंह राणा द्वारा संकलित तथ्यों के आधार पर पुलिस, इंटेलिजेंस और प्रशासन की गंभीर विफलताओं को उजागर किया गया है। संगठन का आरोप है कि घटना के मुख्य आरोपी पारस सोम उर्फ पारस राजपूत और उसके सहयोगी वारदात के बाद से फरार हैं। 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अपहृत युवती की सुरक्षित बरामदगी नहीं हो सकी है, जबकि आरोपी और युवती के बीच पूर्व से संबंध और संभावित खतरे की जानकारी स्थानीय स्तर पर मौजूद थी।
प्रेस को जारी बयान में मेरठ मंडल अध्यक्ष मास्टर अब्दुल अजीज ने कहा कि इस संवेदनशील मामले में न तो समय रहते निवारक कार्रवाई की गई और न ही घटना के बाद त्वरित एवं प्रभावी पुलिस कार्रवाई देखने को मिली। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश मंत्री धर्मपाल द्वारा दिए गए बयान—“आरोपियों का कोई धर्म या जाति नहीं होती”—से पीड़ित समाज की पीड़ा को नजरअंदाज किया गया है। संगठन ने मांग की कि जिस प्रकार पूर्व में ऐसे बयानों पर अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, उसी प्रकार राजनीतिक जिम्मेदारी भी तय की जाए।
आजाद अधिकार सेना का कहना है कि यह मामला स्पष्ट रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के अंतर्गत आता है, इसके बावजूद न तो उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई और न ही फास्ट ट्रैक न्यायिक प्रक्रिया अपनाई गई। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी, तकनीकी साक्ष्य संकलन और खोज अभियान में घोर लापरवाही बरती गई है।
संगठन ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि अपहृत युवती रूबी की तत्काल सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए, सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी हो तथा प्रकरण की SIT, CBI अथवा न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या पांच बीघा भूमि, शस्त्र लाइसेंस और स्थायी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त पुलिस, इंटेलिजेंस और प्रशासनिक विफलताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग भी की गई है।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र न्याय और ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आजाद अधिकार सेना प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में बुद्धप्रकाश भगत, जिला अध्यक्ष; मास्टर अजीज ठेकेदार; मोहन देव, मंडल मीडिया प्रभारी; सुरेंद्र कश्यप, मीडिया प्रभारी; योगेंद्र धर्मपाल, अजमल शेख, नौशाद कुरैशी, मोहम्मद अर्स, नाजमा, पूजा सिंघल (जिला अध्यक्ष, महिला मोर्चा), शाहनवाज, इस्लामुद्दीन, हाजी हामिद अंसारी, फिरोज शाह आदि शामिल रहे।