बदायूं हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोका, डॉ. के.बी. त्रिपाठी नजरबंद

बदायूं हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। बरेली के वरिष्ठ नेता डॉ. के.बी. त्रिपाठी को घर पर ही नजरबंद किया गया।

बदायूं हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोका, डॉ. के.बी. त्रिपाठी नजरबंद
HIGHLIGHTS:

बदायूं हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेता रोके गए

बरेली के वरिष्ठ नेता डॉ. के.बी. त्रिपाठी को घर पर ही किया गया नजरबंद

पूरनपुर निवासी हर्षित मिश्रा की हत्या से इलाके में फैली सनसनी

जन माध्यम

बरेली। ऐसा ही दर्द बदायूं हत्याकांड के बाद देखने को मिला, जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को रास्ते में ही रोक दिया गया और बरेली के वरिष्ठ नेता डॉ. के.बी. त्रिपाठी को घर पर ही नजरबंद कर दिया गया।

पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था प्रतिनिधिमंडल
बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सहायक प्रबंधक की हत्या के बाद कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पीलीभीत जिले के पूरनपुर में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था। बताया गया कि यह प्रतिनिधिमंडल Ajay Rai के निर्देश पर गठित किया गया था। इसका उद्देश्य घटना की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेना और परिवार को सांत्वना देना था, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

डॉ. के.बी. त्रिपाठी को किया गया नजरबंद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Dr. K. B. Tripathi ने आरोप लगाया कि जब वे पीड़ित परिवार से मिलने जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस उनके घर पहुंच गई और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। उन्होंने बताया कि काफी कहासुनी के बावजूद पुलिस ने उन्हें पूरनपुर जाने की अनुमति नहीं दी और उन्हें घर पर ही नजरबंद कर दिया गया।

हर्षित मिश्रा की हत्या से मचा था सनसनी
जानकारी के अनुसार पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र के साहूकारा निवासी Harshit Mishra Hindustan Petroleum Corporation Limited में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। हाल ही में बदायूं में संस्थान परिसर के अंदर ही उनकी और उनके एक साथी की हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई और परिवार में मातम का माहौल छा गया।

सरकार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
डॉ. त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और अपराधियों में कानून का डर खत्म होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मृतक हर्षित मिश्रा ने पहले ही अपनी जान को खतरा होने की जानकारी पुलिस को दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति से प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई।