गौवध मामले में एक आरोपी गिरफ्तार

बहेड़ी में गौवध अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में साथियों के नाम सामने आए, अन्य की तलाश जारी।

गौवध मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
HIGHLIGHTS:

बहेड़ी में गौवध अधिनियम के तहत एक आरोपी गिरफ्तार

पूछताछ में तीन साथियों के नाम आए सामने

अवैध असलहों के इस्तेमाल का भी आरोप

फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश जारी

मुमताज अली । जन माध्यम

बहेड़ी (बरेली)। कभी किसी खेत के किनारे छूटे हुए निशान सिर्फ मिट्टी नहीं होते, वे समाज के ज़मीर पर लगे सवाल भी होते हैं और ऐसे ही एक मामले ने बहेड़ी में हलचल मचा दी है।

शिकायत से खुली परतें

बहेड़ी थाना क्षेत्र में 27 मार्च 2026 को गौवध अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया था। उ0नि0 शिव कुमार मिश्र की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। घटना के बाद से ही पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।

घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी

शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कस्बा बहेड़ी के मोहल्ला शाहगढ़ तिराहे से करीब 50 मीटर पहले घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पकड़ा गया आरोपी अरमान (32) पुत्र दिलशाद है, जो मूल रूप से लोधीपुर का निवासी है और वर्तमान में टांडा मोहल्ले में रह रहा था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया है।

पूछताछ में पता चला साथियों के साथ वारदात का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने तीन दिन पहले अपने साथियों रवि गंगवार उर्फ रविया, सद्दाम और आशिफ उर्फ गंठा—के साथ मिलकर एक आवारा गौवंशीय पशु को सुनसान स्थान पर ले जाकर उसका वध किया। आरोपी के मुताबिक, इसके बाद मांस और अन्य अंगों को बेच दिया गया, जबकि अवशेष खेत में छोड़ दिए गए।

अवैध असलहों के इस्तेमाल का आरोप

पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी और उसके साथी अवैध असलहों के बल पर इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इस काम से होने वाली कमाई से अपनी आर्थिक जरूरतें पूरी करने की बात स्वीकार की है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि की जांच जारी है।

फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है, जिसकी पुष्टि की जा रही है।

कानून और सवाल, क्या रुक पाएंगी ऐसी घटनाएं?

गौकशी जैसे मामलों पर सख्त कानून होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना कई सवाल खड़े करता है। क्या कानून का डर कम हो रहा है, या फिर अवैध गतिविधियों के नेटवर्क ज्यादा मजबूत हो रहे हैं? पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि क्षेत्र में ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।