सैंथल के उर्फी रज़ा जैदी को अंतरराष्ट्रीय ‘सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर’
सैंथल निवासी शायर एवं लेखक उर्फी रज़ा जैदी को माल्टा में साहित्यिक एवं अदबी सेवाओं के लिए ‘सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया।
माल्टा में साहित्यिक एवं अदबी सेवाओं के लिए मिला सम्मान।
उर्फी रज़ा जैदी की कविता ‘मदर ऑफ ऑर्फन्स’ को मिली सराहना।
उनकी आगामी पुस्तक ‘मार्टर ऑफ माल्टा—हकीम सैयद नुसरत हुसैन’ जल्द आने वाली है।
जन माध्यम
सैंथल, बरेली। कस्बा सैंथल निवासी शायर एवं लेखक उर्फी रज़ा जैदी को उनकी साहित्यिक और अदबी सेवाओं के लिए माल्टा, यूरोप में ‘सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ऑल टूगेदर इंटरनेशनल एंथोलॉजी, बोस्टन (यूएसए) की ओर से अदब के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
हाल ही में उनकी कविता ‘मदर ऑफ ऑर्फन्स’ को पाठकों और साहित्य प्रेमियों की सराहना मिली थी। उनकी लेखनी में मानवीय संवेदनाओं, समाज और इतिहास से जुड़े विषयों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।
सैंथल से ताल्लुक रखने वाले उर्फी रज़ा जैदी शायर होने के साथ लेखक के रूप में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उनकी आगामी पुस्तक ‘मार्टर ऑफ माल्टा—हकीम सैयद नुसरत हुसैन’ जल्द पाठकों के बीच आने वाली है। पुस्तक शहीद-ए-माल्टा हकीम सैयद नुसरत हुसैन के जीवन और योगदान पर आधारित है। हाल ही में हकीम सैयद नुसरत हुसैन की कब्र की मिट्टी भी भारत लाई गई थी।
उर्फी रज़ा जैदी को इससे पहले धर्मनिरपेक्ष छवि और समाजसेवा के लिए रूस के शाही परिवार की ओर से भी सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।
लगातार मिल रहे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सैंथल के साहित्यिक क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों और साहित्य प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की है।