ऊदा देवी पासी जयंती पर विचार गोष्ठी
समाजवादी पार्टी कार्यालय, बरेली में ऊदा देवी पासी की जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित हुई। वक्ताओं ने उनके शौर्य, बलिदान और सामाजिक न्याय के संदेश को याद किया।
समाजवादी पार्टी कार्यालय में ऊदा देवी पासी की जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित हुई।
वक्ताओं ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया।
सामाजिक न्याय, समानता और वंचित समाज के सम्मान पर जोर दिया गया।
जन माध्यम
बरेली । समाजवादी पार्टी कार्यालय, मिशन कंपाउंड, सिविल लाइंस में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना ऊदा देवी पासी की जयंती पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा वक्ताओं ने उनके साहस, बलिदान और सामाजिक चेतना को याद करते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि ऊदा देवी पासी भारतीय इतिहास की ऐसी वीरांगना थीं, जिन्होंने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष करते हुए अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़े और वंचित समाज के अनेक महान नायकों को इतिहास में अपेक्षित सम्मान नहीं मिल सका, जबकि समाजवादी पार्टी ऐसे व्यक्तित्वों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सोनकर ने कहा कि ऊदा देवी पासी साहस, स्वाभिमान और सामाजिक परिवर्तन की प्रतीक थीं। उन्होंने 1857 की क्रांति में अंग्रेजी सेना के विरुद्ध जिस वीरता का परिचय दिया, वह भारतीय महिलाओं के अदम्य साहस का उदाहरण है। उन्होंने उनके जीवन को पाठ्यक्रमों और जनचर्चा का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
पूर्व जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि समाजवादी आंदोलन हमेशा से दलितों, पिछड़ों, वंचितों और शोषितों के सम्मान तथा अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है। उन्होंने कहा कि ऊदा देवी पासी का बलिदान सामाजिक न्याय, समान अवसर और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम में महानगर उपाध्यक्ष सिम्पल कनौजिया, पार्षद अलीम सुल्तानी, एडवोकेट जमुना प्रसाद मौर्य, ओमपाल प्रजापति, सोनू लाल बाल्मीकि, मो. आलम सहित अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।