एक साथ उमरा पर रवाना हुए सात सदस्य
सैंथल कस्बे से पहली बार एक ही परिवार के सात सदस्य एक साथ उमरा यात्रा के लिए रवाना हुए। कस्बावासियों ने फूल-मालाओं और दुआओं के साथ भावभीनी विदाई दी।
सैंथल से पहली बार एक ही परिवार के सात सदस्य एक साथ उमरा यात्रा पर रवाना हुए।
यात्रियों को फूल-मालाओं और दुआओं के साथ भावभीनी विदाई दी गई।
रवाना होने से पहले परिवार ने मजार पर पहुंचकर विशेष दुआ की।
सरफराज़ खान/जन माध्यम
सैंथल।कस्बा सैंथल में उस समय धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला जब एक ही परिवार के सात सदस्य उमरा के मुकद्दस सफर के लिए मदीना रवाना हुए। स्थानीय लोगों के अनुसार कस्बे के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब एक ही घर के इतने सदस्य एक साथ उमरा यात्रा पर गए हैं।
उमरा यात्रा पर रवाना होने से पहले परिवार के सदस्य हजरत चिराग अली शाह मियां की मजार पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने सफर की सलामती, कामयाबी और कुबूलियत के लिए दुआ मांगी। इसके बाद कस्बावासियों ने फूल-मालाओं और शुभकामनाओं के साथ उन्हें विदाई दी।
यात्रियों को विदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। सैकड़ों लोग जुलूस की शक्ल में उनके साथ मुख्य मार्ग तक पहुंचे और दुआओं के साथ उन्हें रवाना किया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और खुशी का माहौल बना रहा।
परिवार की ओर से उमरा यात्रा पर रवाना होने से एक दिन पहले कस्बे के लोगों के लिए दावत का भी आयोजन किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर यात्रियों के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
उमरा यात्रा पर जाने वालों में अख्तर हुसैन, उनके पुत्र सईद अख्तर तथा परिवार की महिलाएं शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने उनके सफल और मंगलमय सफर के लिए दुआएं कीं।
कस्बे के बुजुर्गों का कहना है कि यह अवसर सैंथल के लिए विशेष महत्व रखता है। एक ही परिवार के सात सदस्यों का एक साथ उमरा यात्रा पर जाना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में इसे लेकर खुशी का माहौल है।