नारी स्किल सेंटर से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
बरेली छावनी परिषद 20 जून को नारी स्किल सेंटर का उद्घाटन करेगी। महिलाओं के कौशल विकास के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बरेली छावनी परिषद 20 जून को नारी स्किल सेंटर का उद्घाटन करेगी।
महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प और स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 108 सूर्य नमस्कार, सामूहिक योग और आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे।
जन माध्यम
बरेली।महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए बरेली छावनी परिषद 20 जून को ‘नारी स्किल सेंटर’ का शुभारंभ करने जा रही है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. तनु जैन ने प्रेसवार्ता में बताया कि छावनी बालिका विद्यालय में स्थापित इस केंद्र का उद्घाटन प्रातः 11:30 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की जोनल वाइस प्रेसिडेंट राजबीर गिल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
डॉ. तनु जैन ने बताया कि नारी स्किल सेंटर महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का मंच प्रदान करेगा। केंद्र में सिलाई, कढ़ाई, हस्तशिल्प समेत विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल विकसित भारत के संकल्प को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उद्घाटन समारोह में छावनी परिषद के अधिकारी, शिक्षाविद्, विभिन्न संस्थाओं की प्रतिनिधियां, गणमान्य नागरिक और महिला लाभार्थी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
योग दिवस पर होंगे विशेष कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर बरेली छावनी परिषद द्वारा "योग फॉर हेल्दी एजिंग" विषय पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रातः 6 बजे मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 108 सूर्य नमस्कार चैलेंज और सामूहिक योग प्रोटोकॉल सत्र आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्रिगेडियर गगनदीप सिंह रहेंगे।
इसके बाद दोपहर 1 बजे कारगिल हॉल में ओम् ध्वनि के माध्यम से आध्यात्मिक चिंतन एवं प्रवचन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें योग, ध्यान और संतुलित जीवनशैली के महत्व पर चर्चा होगी। वहीं सायंकाल धोपा मंदिर परिसर में चन्द्र नमस्कार सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें विधायक संजीव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
छावनी परिषद का मानना है कि महिला कौशल विकास और योग आधारित गतिविधियां सामाजिक समावेशन, स्वस्थ जीवनशैली तथा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेंगी। इन पहलों के माध्यम से “स्वस्थ भारत–विकसित भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।