भिटौरा रेलवे फाटक नहीं खुला, जाम में फंसे लोग जान जोखिम में निकले

ट्रेन गुजरने के बाद भी भिटौरा रेलवे फाटक करीब 18 मिनट बंद रहा, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया। कुछ लोग बंद फाटक के नीचे से वाहन निकालते नजर आए, मामले में रेलमंत्री से शिकायत की गई।

भिटौरा रेलवे फाटक नहीं खुला, जाम में फंसे लोग जान जोखिम में निकले
HIGHLIGHTS:

ट्रेन गुजरने के बाद भी करीब 18 मिनट तक फाटक बंद रहा।

जाम में फंसे कुछ लोग बंद फाटक के नीचे से वाहन निकालने लगे।

छात्र असद अंसारी ने रेलमंत्री से शिकायत कर मरम्मत कार्यों की जांच की मांग की।

जन माध्यम
फतेहगंज पश्चिमी।
भिटौरा रेलवे फाटक पर मंगलवार सुबह ट्रेन गुजरने के बाद भी फाटक काफी देर तक बंद रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम में फंसे कुछ लोग जान जोखिम में डालकर बंद फाटक के नीचे से वाहन निकालने लगे। इसी बीच दूसरी ट्रेन आने की सूचना से वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग आनन-फानन में पीछे हटे।

मंगलवार सुबह करीब 9 बजकर 48 मिनट पर भिटौरा रेलवे फाटक से एक ट्रेन गुजरी, लेकिन उसके निकलने के बाद भी फाटक नहीं खुला। करीब 18 मिनट तक फाटक बंद रहने से दोनों तरफ यातायात बाधित रहा। राहगीर काफी देर तक फाटक खुलने का इंतजार करते रहे।

दूसरी ट्रेन गुजरने के बाद काफी मशक्कत से फाटक खोला गया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका।

भिटौरा रेलवे फाटक क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला व्यस्त मार्ग है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। उनका कहना है कि फाटक को समय-समय पर ओवरहॉलिंग और मरम्मत के नाम पर बंद किया जाता है। कुछ समय पहले भी इसे करीब पांच दिन के लिए बंद रखा गया था। इसके बावजूद संचालन में बार-बार दिक्कत सामने आने से मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

जाम में फंसे छात्र असद अंसारी ने रेलमंत्री से शिकायत कर भिटौरा रेलवे फाटक पर समय-समय पर कराए जाने वाले ओवरहॉलिंग और मरम्मत कार्यों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या सामने आ रही है तो कार्यों की गुणवत्ता, प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

शिकायत पर डीआरएम मुरादाबाद ने जवाब दिया कि तकनीकी समस्या का कर्मचारियों द्वारा समाधान किए जाने के बाद द्वार खोल दिया गया। उन्होंने असुविधा के लिए क्षमा भी मांगी।