भाकियू टिकैत ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों, कृषि मजदूरों और श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

भाकियू टिकैत ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
HIGHLIGHTS:

भाकियू (टिकैत) ने किसानों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद, ऋण माफी और आवारा पशुओं की समस्या उठाई गई।

प्रस्तावित अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर भी संगठन ने चिंता जताई।

जन माध्यम
बरेली।
 भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों, कृषि मजदूरों और श्रमिकों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसीएम द्वितीय को सौंपा। जिला अध्यक्ष सोमवीर सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में केंद्र और राज्य सरकार से किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।

जिला अध्यक्ष सोमवीर सिंह ने कहा कि प्रस्तावित अमेरिका-भारत ट्रेड डील का असर देश के कृषि क्षेत्र, डेयरी उद्योग और बागवानी पर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर पुनर्विचार किया जाए।

ज्ञापन में आवारा पशुओं की समस्या को गंभीर बताते हुए उन्हें गौशालाओं में भेजने की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की गई। इसके अलावा सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद सुनिश्चित करने, कृषि क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार रोकने तथा खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं की कालाबाजारी पर सख्त नियंत्रण लगाने की मांग भी उठाई गई।

भाकियू (टिकैत) ने निजी नलकूपों पर मीटर लगाने का विरोध करते हुए किसानों के लिए व्यापक ऋण माफी योजना लागू करने, ब्याज मुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराने तथा सूक्ष्म वित्त संस्थानों द्वारा वसूले जा रहे ऊंचे ब्याज पर नियंत्रण की मांग की। संगठन ने श्रम संहिताओं की वापसी, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने और मनरेगा के तहत 200 दिन रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।

ज्ञापन में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, फसल बीमा योजना में सुधार, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत और कृषि एवं श्रमिक हितों की रक्षा के लिए प्रभावी नीतियां बनाने की मांग की गई।

भाकियू नेताओं ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान चंद्रप्रकाश, हरिशंकर, सुनील यादव, मोहम्मद हाजी इकबाल सहित कई किसान मौजूद रहे।