सेवा, साहस और समर्पण का उत्सव
लखनऊ में पीएसी के 78वें स्थापना दिवस पर डीजीपी राजीव कृष्ण ने बल के शौर्य की सराहना की। उन्होंने महिला बटालियनों के गठन और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।
➡️ लखनऊ में धूमधाम से मनाया गया यूपी पीएसी का 78वां स्थापना दिवस।
➡️ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने जवानों का बढ़ाया उत्साह।
➡️ डीजीपी राजीव कृष्ण ने पीएसी को अनुशासन और साहस की जीवंत परंपरा बताया।
➡️ सीएम के विजन से 46 पीएसी कंपनियों का हुआ पुनर्जीवन।
➡️ लखनऊ, गोरखपुर और बदायूं में तीन नई महिला पीएसी बटालियन गठित।
➡️ आधुनिक हथियारों और तकनीक से बल को किया जा रहा है और भी सशक्त।
पीएसी के 78वें स्थापना दिवस पर डीजीपी राजीव कृष्ण का भावुक संबोधन
डेस्क/ जन माध्यम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस सशस्त्र बल पीएसी के 78 वें स्थापना दिवस का अवसर सिर्फ एक औपचारिक समारोह नहीं, बल्कि सेवा, बलिदान और अनुशासन की उस जीवंत परंपरा का उत्सव बन गया, जिसने दशकों से प्रदेश की सुरक्षा को अपना धर्म माना है। महानगर स्थित पीएसी मुख्यालय में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के शब्दों में गर्व भी था और भावुकता भी। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस की गरिमा उस समय और बढ़ गई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर स्वयं इस अवसर पर उपस्थित हुए। यह पीएसी के हर जवान के लिए सम्मान और प्रेरणा का क्षण है। राजीव कृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश पीएसी केवल एक बल नहीं, बल्कि अनुशासन, साहस और राष्ट्रसेवा की सजीव परंपरा है, जो हर संकट में सबसे आगे खड़ी नजर आती है।
उन्होंने याद दिलाया कि चाहे आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा, संवेदनशील धार्मिक आयोजन हों या लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पीएसी ने हर मोर्चे पर निस्वार्थ भाव से अपना कर्तव्य निभाया है।
डीजीपी ने मुख्यमंत्री के स्पष्ट विजन और दृढ़ इच्छाशक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में 46 पीएसी कंपनियों का पुनर्जीवन संभव हो सका। प्रशिक्षण और संसाधनों का अभूतपूर्व विस्तार हुआ, आधुनिक हथियार, संचार प्रणाली, वाहन और बुनियादी ढांचे से बल को सशक्त किया गया।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदमों का भी उल्लेख हुआ। लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी, गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई और बदायूं में वीरांगना अवंती बाई के नाम से गठित तीन नई महिला पीएसी बटालियन, पीएसी को एक समावेशी और सशक्त स्वरूप देती हैं। प्रशिक्षण को केवल औपचारिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक और तकनीक आधारित बनाया गया है। साथ ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल एसडीआरएफ की छह अत्याधुनिक कंपनियों को हापुड़ में सुसज्जित कर क्रियाशील किया जाना, प्रदेश की आपदा तैयारियों की मजबूत तस्वीर पेश करता है। यह स्थापना दिवस पीएसी के हर जवान को यह याद दिलाता है कि वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और राष्ट्रभक्ति की जिम्मेदारी है।