जिला अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी में मारपीट, वीडियो वायरल

मेरठ जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टर और टीबी वार्ड कर्मचारी के बीच मरीज को भर्ती कराने को लेकर विवाद हुआ जो मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। विवाद के बाद दोनों को अलग किया गया और डॉक्टर ने कर्मचारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

जिला अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी में मारपीट, वीडियो वायरल
HIGHLIGHTS:

→ मेरठ जिला अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी के बीच मारपीट की घटना सामने आई।
→ मरीज को भर्ती करने को लेकर शुरू हुआ विवाद हाथापाई में बदल गया।
→ झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
→ मारपीट के दौरान इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।
→ स्टाफ ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया, डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई।

भर्ती को लेकर हुआ विवाद, वार्ड में मचा हड़कंप

जन माध्यम
मेरठ।
मेरठ के जिला अस्पताल में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और टीबी वार्ड के एक कर्मचारी के बीच तीखा विवाद मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पूरे अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।

सूत्रों के अनुसार, टीबी वार्ड के कर्मचारी अपने एक मरीज को इमरजेंसी में भर्ती कराने के लिए पहुंचे थे। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. यशवीर उस समय वार्ड में मरीजों की जांच कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल इमरजेंसी में भर्ती करने से मना कर दिया और किसी अन्य सेक्शन में भेजने की सलाह दी। इसी बात को लेकर कर्मचारी और डॉक्टर के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

मौजूदा लोगों के मुताबिक, पहले दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जो धीरे-धीरे उग्र होती चली गई। बहस बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में तब्दील हो गई और देखते ही देखते दोनों एक-दूसरे पर धक्कामुक्की करने लगे। कुछ ही मिनटों में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद मरीज, परिजन और स्टाफ अचानक हुई इस झड़प से घबरा गए और कई लोग वार्ड से बाहर निकल गए।

घटना के दौरान कुछ कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर डॉक्टर और कर्मचारी को अलग किया। अस्पताल स्टाफ के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ और दोनों को अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया गया। हालांकि, वायरल हुए वीडियो में दोनों के बीच हाथापाई साफ नजर आती है, जिस पर अब विभिन्न लोगों और संगठनों की प्रतिक्रियाएँ भी आनी शुरू हो गई हैं।

अस्पताल प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि डॉ. यशवीर की ओर से टीबी वार्ड के कर्मचारी के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। डॉक्टर का आरोप है कि कर्मचारी ने बिना वजह दबाव बनाया और उसके साथ मारपीट की। वहीं कर्मचारी पक्ष का कहना है कि डॉक्टर ने मरीज को देखने से मना कर दिया, जिससे विवाद भड़का।

घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने दोनों पक्षों से बात कर मामले की जानकारी ली है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा प्रभावित न हो।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकारों का मानना है कि बढ़ते कार्यभार, स्टाफ की कमी और तनावपूर्ण माहौल अक्सर ऐसी घटनाओं को जन्म देते हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में मरीजों के बीच मारपीट या ऐसी स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती।

घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और स्टाफ प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि इमरजेंसी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा गार्ड और मॉनिटरिंग सिस्टम की मौजूदगी के बावजूद यह झगड़ा कैसे इतना आगे बढ़ गया।

फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएँ।