बरेली: पत्रकारों को धमकाने वाली स्वयंभू 'पीड़िता' पर उठे सवाल, नारी शक्ति समिति ने एसएसपी से की सख्त कार्रवाई की मांग
खुद को पीड़िता बताने वाली महिला पर पत्रकारों को अभद्र भाषा में धमकाने और गाली-गलौज करने का आरोप। नारी शक्ति नारी सम्मान सेवा समिति ने एसएसपी बरेली को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग।
पत्रकारों को फोन और ऑडियो भेजकर चप्पलों से मारने और अपमानित करने की दी गई धमकी।
'नारी शक्ति नारी सम्मान सेवा समिति' की अध्यक्ष यासमीन जहां ने एसएसपी को दिया प्रार्थना पत्र।
हसीन दानिश। जन माध्यम
बरेली। महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की बात करने वाली संस्था नारी शक्ति नारी सम्मान सेवा समिति ने एक गंभीर मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि खुद को पीड़िता बताने वाली एक महिला द्वारा पत्रकारों को फोन कॉल और ऑडियो रिकॉर्डिंग के जरिए न सिर्फ धमकाया जा रहा है, बल्कि अभद्र, अश्लील और आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।प्रार्थना पत्र के अनुसार, संस्था की अध्यक्ष यासमीन जहां ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब एक महिला द्वारा पत्रकारों को लगातार कॉल कर धमकियां दी जाने लगीं। आरोप है कि उक्त महिला ने एक समाचार पत्र की महिला संवाददाता को फोन पर धमकाया, वहीं देर रात करीब एक बजे उसी समाचार पत्र के संपादक को भी ऑडियो भेजकर खुलेआम धमकी दी गई।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग में महिला द्वारा बेहद आपत्तिजनक और अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया गया है। यहां तक कि उसने साफ तौर पर कहा कि “जहां भी मिलोगे, चप्पलों से मारूंगी”। साथ ही पत्रकारों के परिवार की महिलाओं और बेटियों के लिए भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जो न सिर्फ कानून बल्कि सामाजिक मर्यादा के भी खिलाफ है।
मामले का एक और गंभीर पहलू यह है कि उक्त महिला द्वारा पत्रकारों के पेशे पर भी टिप्पणी करते हुए उन्हें “कार मैकेनिक” और “टेलर” कहकर अपमानित किया गया। संस्था ने इसे पत्रकारिता की गरिमा पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी पेशे से जुड़ा हो, उसे अपमानित करना अस्वीकार्य है।प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख है कि उक्त महिला पत्रकारों पर यह आरोप लगा रही है कि वे डॉ. अय्यूब से पैसे लेकर खबर प्रकाशित करते हैं। संस्था ने इस आरोप को भी संदिग्ध बताते हुए सवाल उठाया है कि यदि ऐसा है, तो खुद वह महिला डॉ. अय्यूब के कार्यक्रमों या पार्टियों में किस उद्देश्य से शामिल होती रही।संवाददाता जहरा खान लगातार मिल रही धमकियों से मानसिक तनाव में हैं। संस्था का कहना है कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ व्यक्ति विशेष को प्रभावित करती हैं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता पर भी खतरा पैदा करती हैं।संस्था ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने तथा दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को चुनौती देने की हिम्मत न कर सके और पत्रकारों व महिलाओं की गरिमा सुरक्षित रह सके।
यह मामला अब जिले में चर्चा का विषय बन गया है और देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।