धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण

बरेली मंडल के नोडल अधिकारी आयुक्त योगेश कुमार ने धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया, तौल-भुगतान-पारदर्शिता पर सख्ती, ब्लॉक स्तर पर केंद्र बढ़ाने का सुझाव।

धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण
HIGHLIGHTS:

➡️ आयुक्त योगेश कुमार का धान केंद्रों पर औचक दौरा
➡️ तौल, बारदाना, भुगतान सबकी बारीकी से जाँच
➡️ किसानों से सीधा संवाद, समस्याएँ सुनीं
➡️ ब्लॉक/तहसील स्तर पर नए केंद्र खोलने के निर्देश
➡️ उड़द खरीद के लिए गाँव-गाँव प्रचार का आदेश
➡️ पारदर्शिता और किसान हित में कोई समझौता नहीं

आयुक्त योगेश कुमार ने किसानों की सुविधा, तौल और भुगतान व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की

जन माध्यम 
बरेली।
आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता,नोडल अधिकारी धान खरीद बरेली मंडल योगेश कुमार ने शनिवार को जनपद के विभिन्न धान क्रय केंद्रों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी दिलापीर, पैक्स भिंडौलिया और पैक्स बल्लिया में चल रही खरीद व्यवस्था, किसानों की सुविधा, स्टॉक रजिस्टर, भुगतान की प्रगति और तौल प्रणाली की बारीकी से समीक्षा की।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने क्रय केंद्रों पर मौजूद किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी स्तर पर असुविधा न हो और सभी केंद्र प्रभारी अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाएं। विशेष रूप से उन्होंने तौल मशीनों की सटीकता, बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी भुगतान व्यवस्था और केंद्र पर भीड़ नियंत्रण पर जोर दिया।निरीक्षण में यह भी सामने आया कि उड़द खरीद के प्रति किसानों में अपेक्षित जागरूकता अभी पर्याप्त नहीं है। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को उड़द खरीद केंद्रों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि हर गांव तक जानकारी पहुँच सके और अधिक से अधिक किसान सरकारी खरीद का लाभ उठा सकें। योगेश कुमार ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी क्रय केंद्र निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करें, किसानों का उपार्जन समयबद्ध तरीके से हो और उनके हितों की पूर्ण सुरक्षा की जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि केंद्रों को मंडी स्तर की बजाय ब्लॉक या तहसील स्तर पर बढ़ाया जाए, ताकि किसान अपने धान को बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करें और सरकारी खरीद की सुविधा सीधे उनके गांव तक पहुँच सके। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उचित मूल्य पर उनकी उपज बेचने का सुरक्षित और पारदर्शी मंच प्रदान करना है, जिससे किसान बिना किसी बाधा के सरकारी खरीद का पूरा लाभ ले सकें।