धोपेश्वरनाथ मार्ग पर बुलडोज़र की गरज

बरेली कैंट में धोपेश्वरनाथ मार्ग पर लगातार दूसरे दिन बुलडोज़र चला, पुरानी झोपड़ियाँ जमींदोज, 20 परिवारों को 48 घंटे में खाली करने का अल्टीमेटम।

धोपेश्वरनाथ मार्ग पर बुलडोज़र की गरज
HIGHLIGHTS:

➡️ धोपेश्वरनाथ मार्ग पर बुलडोज़र की गरज
➡️ 30 साल पुरानी झोपड़ियाँ मलबे में तब्दील
➡️ हाईकोर्ट रिट के बाद भी नहीं रुकी कार्रवाई
➡️ 20 परिवारों को 48 घंटे का अंतिम नोटिस
➡️ CEO तनु जैन के नेतृत्व में सख्त अभियान
➡️ पूरे इलाके में दहशत का माहौल

तीन दशक पुराने दावों की झोपड़ियाँ ढहीं,20 परिवारों को अंतिम चेतावनी

जन माध्यम 
बरेली।
कैंट इलाके में अतिक्रमण हटाने की मुहिम ने शनिवार को फिर जोर पकड़ा। मदारी पुलिया से धोपेश्वरनाथ मार्ग तक चला कैंट बोर्ड का बुलडोज़र लगातार दूसरे दिन सुर्खियों में रहा। शुक्रवार को जहां दो मशीनों की मदद से करीब दस झोपड़ियाँ ढहा दी गई थीं, वहीं शनिवार को बाकी बची झोपड़ियों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें पूरी तरह हटा दिया गया। अचानक हुए इस ऑपरेशन ने पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मचा दी। लोग अपने परिवार और सामान को बचाने में जुटे रहे, लेकिन बुलडोज़र की रफ्तार किसी भी कोशिश से ज़्यादा तेज़ साबित हुई। कैंट बोर्ड इससे पहले 29 अक्टूबर को भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर करीब 15 पक्के निर्माण और एक झोपड़ी जमींदोज़ कर चुका है। उसी दिन से यहां के झोपड़ीवासियों में डर बैठा हुआ था, लेकिन नोटिसों के बावजूद किसी ने स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया। इसी बीच महेश नाम के निवासी ने हाई कोर्ट में रिट दाखिल कर दावा किया कि वह 30 साल से इसी जमीन पर रह रहा है और यह भूमि उसे सरकार से आवंटित है। उसने बोर्ड की कार्रवाई को गलत बताते हुए रोक लगाने की मांग की।
हाई कोर्ट का नोटिस पहुंचते ही कैंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने तत्काल जांच कराई। जांच में महेश और आसपास की झोपड़ियों को अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया। इसके बाद शुक्रवार शाम अचानक अभियान शुरू हुआ और कुछ ही मिनटों में सभी चिन्हित झोपड़ियाँ मलबे में बदल गईं। लोग भाग-दौड़ कर सामान समेटते रहे, लेकिन अधिकांश को बचाया नहीं जा सका।
कार्रवाई के दौरान पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम भारी संख्या में मौजूद रही ताकि कोई विवाद न हो। बोर्ड ने पास ही रह रहे लगभग 20 और झोपड़ीवासियों को अंतिम चेतावनी दी है किसी भी क्षण कार्रवाई हो सकती है। इस चेतावनी के बाद पूरे क्षेत्र में बेचैनी और तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।