छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में आशा वर्कर्स यूनियन का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन
बरेली में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और आंदोलनकारियों की मांगों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
आशा वर्कर्स यूनियन ने छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
यूनियन ने आंदोलनकारियों पर कथित कार्रवाई की निंदा करते हुए संवाद की अपील की।
जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने सोमवार को छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। यूनियन ने आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की।
यूनियन की जिलाध्यक्ष शिववती साहू ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर छात्र-युवा आंदोलन पिछले एक महीने से जारी है। उन्होंने दावा किया कि कई आंदोलनकारी लंबे समय से अनशन पर हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 18 जुलाई को अनशनरत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन धरना स्थल से हटाया तथा अन्य अनशनकारियों के साथ भी दमनात्मक कार्रवाई की गई। यूनियन ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की।
ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वालों की मांगों पर विचार किया जाना चाहिए।
यूनियन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार, नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने, पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने तथा सभी के लिए सस्ती, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया। इस दौरान शिववती साहू, सुनीता गंगवार, रेखा सक्सेना, मंजू देवी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।