बकाया सैलरी मांगी तो गनर से मारपीट का आरोप
खुसरो कॉलेज चेयरमैन शेर अली जाफरी पर गनर को कमरे में बंद कर पीटने और चाकू से हमला करने का आरोप, एसएसपी के आदेश पर मुकदमा
• बकाया मेहनताना मांगने पर निजी गनर से मारपीट और चाकू से हमला करने का आरोप।
• एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश पर सीबीगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
• शेर अली जाफरी ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए भुगतान किए जाने का दावा किया।
जन माध्यम
बरेली। बकाया मेहनताना मांगना एक निजी गनर को कथित तौर पर भारी पड़ गया। खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी पर अपने निजी गनर को ऑफिस में बंद कर मारपीट करने, धमकाने और चाकू से हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश से सीबीगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवनगर कॉलोनी निवासी योगेश गुप्ता का कहना है कि वह करीब एक साल से जाफरी के यहां निजी गनर के तौर पर काम कर रहा था। उसकी मासिक तनख्वाह 28 हजार रुपये तय थी। आरोप है कि 1 मार्च से 22 अगस्त तक करीब 1.60 लाख रुपये का मेहनताना बकाया था। बार बार मांगने के बावजूद भुगतान टलता रहा।
योगेश के मुताबिक 22 अगस्त को वह सीबीगंज स्थित खुसरो पीजी कॉलेज पहुंचा और दोपहर करीब 12 बजे बकाया रकम मांगी। आरोप है कि इस पर जाफरी नाराज हो गए और गाली गलौज के बाद उसे कार्यालय में बंद कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद डंडों और लात घूंसों से पिटाई की गई। इसी दौरान घास काटने वाले चाकू से हमला किया गया, जिससे बचाव करते समय उसकी कलाई कट गई।
पीड़ित ने जान से मरवाने की धमकी और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि थाने में शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उसने एसएसपी से गुहार लगाई।
पहले भी विवादों में रहा नाम
शेर अली जाफरी का नाम खुसरो कॉलेज से जुड़े डी फार्मा फर्जी डिग्री प्रकरण में भी सामने आ चुका है। पुलिस और एसआईटी कार्रवाई के दौरान उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए और गिरफ्तारी भी हुई थी। बाद में उन्हें जमानत मिली। इन मामलों में अंतिम निर्णय अदालत से होना बाकी है।
शेर अली जाफरी ने अपने बचाव में कहां आरोप बेबुनियाद आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि योगेश ने करीब दो माह कुछ दिन काम किया था और उसका भुगतान चेक से किया जा चुका है। उनके मुताबिक योगेश के खिलाफ उन्होंने अदालत में मुकदमा भी दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि गनर द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं।
अब पुलिस दोनों पक्षों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की तहकीकात कर रही है।