बरेली में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन:

बरेली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केजीएन सहारा अस्पताल में नियमों के उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की है। मानक विहीन तरीके से बेसमेंट में संचालित ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और एनआईसीयू (NICU) को नोडल अधिकारी ने सील कर दिया।

बरेली में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन:
सील की कार्रवाई करते नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार और अन्य टीम सदस्य
HIGHLIGHTS:

बेसमेंट में नियमों की धज्जियां: केजीएन सहारा अस्पताल के बेसमेंट में बिना तय सुरक्षा मानकों के चलाया जा रहा था ऑपरेशन थिएटर और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU).

मौके पर बड़ी कार्रवाई: नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार के नेतृत्व में पहुंची टीम ने खामियां मिलने पर दोनों क्रिटिकल वार्डों को तत्काल प्रभाव से सील किया.

अस्पताल संचालकों में हड़कंप: स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मरीजों की जान और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी निजी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा.

हसीन दानिश / जन माध्यम
बरेली।
उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में अवैध और मानक विहीन चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का डंडा तेजी से चला है। विभाग द्वारा निजी अस्पतालों के औचक निरीक्षण और पंजीकरण मानकों की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। टीम ने शहर के केजीएन सहारा अस्पताल में छापेमारी करते हुए वहां नियमों के विरुद्ध बेसमेंट में संचालित किए जा रहे ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और एनआईसीयू (NICU) को रंगे हाथों पकड़कर सील कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी अस्पताल संचालक नियमों को दरकिनार कर मरीजों और नवजातों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। जब विभागीय टीम ने केजीएन सहारा अस्पताल का सघन निरीक्षण किया, तो वहां की व्यवस्थाएं देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। अस्पताल के बेसमेंट के भीतर बेहद संवेदनशील माना जाने वाला ऑपरेशन थिएटर और नवजात शिशुओं का गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) धड़ल्ले से चलाया जा रहा था, जो चिकित्सा नियमों और अग्नि सुरक्षा मानकों के सर्वथा प्रतिकूल है। निर्धारित मानकों के अभाव में किसी भी आपात स्थिति में यहां से मरीजों को सुरक्षित निकालना नामुमकिन था।

तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार अपनी टीम के साथ अस्पताल के 'एन. आई. सी. यू.' (NICU) कक्ष के मुख्य द्वार पर खड़े हैं, जिसके ठीक ऊपर हिंदी में पीले बोर्ड पर 'एन. आई. सी. यू.' अंकित है। टीम के सदस्य दरवाजे के कुंडे पर सीलिंग की वैधानिक कार्रवाई का आधिकारिक नोटिस और दस्तावेज चिपकाते हुए कैमरे के सामने खड़े हैं। दरवाजे पर लगे दो तिरंगे झंडे इस बात का प्रमाण हैं कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय मानकों और सरकारी गाइडलाइंस के कड़ाई से अनुपालन के तहत की गई है।

कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने मीडिया से बातचीत में बेहद कड़े लहजे में कहा कि मरीजों की जिंदगी से किसी भी स्तर पर समझौता या कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन भी चिकित्सा संस्थानों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, पंजीकरण की कमियां या भौतिक बुनियादी ढांचे में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ इसी तरह तत्काल और कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि निजी अस्पतालों की सघन मॉनिटरिंग के लिए यह औचक जांच अभियान आने वाले दिनों में और अधिक तेज किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित और बड़ी कार्रवाई के बाद से बरेली शहर और आसपास के इलाकों में अवैध व मानक विहीन तरीके से क्लीनिक व नर्सिंग होम चलाने वाले संचालकों में हड़कंप का माहौल व्याप्त है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने जनता को आश्वस्त किया है कि जिले के नागरिकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उच्च गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस राह में रोड़ा अटकाने वाले व्यावसायिक संस्थानों पर विधिक कार्रवाई जारी रहेगी।