बरेली में गरमाई गन्ने की राजनीति: बहेड़ी चीनी मिल की नीलामी निरस्त करने की मांग
समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने बरेली मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर बहेड़ी चीनी मिल की नीलामी निरस्त करने की मांग की। नेताओं का आरोप है कि भाजपा नेताओं से सांठगांठ कर कम कीमत पर मिल की जमीन हड़पी गई है।
करोड़ों का बकाया: बहेड़ी मिल पर ₹161 करोड़, नवाबगंज पर ₹70 करोड़ और बजाज चीनी मिल पर किसानों का भारी बकाया होने का दावा.
सांठगांठ का आरोप: सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं से मिलकर मिल की मूल्यवान भूमि को कम दामों में नीलाम कर हड़पा गया है.
आंदोलन की चेतावनी: नीलामी निरस्त न होने और बकाया भुगतान तुरंत न किए जाने पर समाजवादी पार्टी ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी.
गन्ना किसानों के हक में उतरी सपा: बहेड़ी चीनी मिल की नीलामी को बताया 'बड़ा खेल', भाजपा नेताओं पर जमीन हड़पने का आरोप लगा बरेली कमिश्नर को घेरा
शहाबुद्दीन/जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड अंचल में गन्ना किसानों के बकाए और चीनी मिलों के संचालन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बरेली के मंडलायुक्त (कमिश्नर) से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। सपा नेताओं ने बहेड़ी चीनी मिल की हालिया नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह निरस्त करने और क्षेत्र के बदहाल किसानों का तत्काल बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने की पुरजोर मांग उठाई है।
अरबों की जमीन को कौड़ियों के दाम बेचने का आरोप
मंडलायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बहेड़ी चीनी मिल की बेशकीमती भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य (मार्केट वैल्यू) बेहद अधिक है। आरोप है कि इसके बावजूद कुछ सत्ताधारी भाजपा नेताओं से कथित सांठगांठ कर वास्तविक मूल्य से काफी कम कीमत पर इसकी नीलामी कराई गई है ताकि इस कीमती जमीन को आसानी से हड़पा जा सके। सपा ने इस पूरी नीलामी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर इसे तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है।
तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों का हुजूम सफेद कुर्ता-पायजामा पहने मंडलायुक्त कार्यालय की ओर बढ़ रहा है। इस पैदल मार्च का नेतृत्व जिले के कद्दावर सपा नेता कर रहे हैं, जिनके चेहरों पर किसानों की मांगों को लेकर दृढ़ता साफ दिखाई दे रही है।
मिलों पर किसानों का ₹231 करोड़ से अधिक का बकाया
प्रतिनिधिमंडल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्तमान में अकेले बहेड़ी चीनी मिल पर क्षेत्र के किसानों का लगभग 161 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अतिरिक्त, नवाबगंज चीनी मिल पर करीब 70 करोड़ रुपये और बजाज चीनी मिल पर भी अन्नदाताओं का करोड़ों रुपया फंसा हुआ है। भुगतान न होने से नाराज और परेशान किसानों के बीच मिलों को सीधे नीलामी पर चढ़ाए जाने से भारी जन-आक्रोश सुलग रहा है।
'चुनावी वादे भूल गई सरकार, ठगा महसूस कर रहा किसान'
सपा नेताओं ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले किसानों से जोर-शोर से वादा किया था कि मिलों में गन्ना डालते ही तुरंत भुगतान होगा और किसानों की आय दोगुनी कर दी जाएगी। लेकिन सत्ता में आते ही सरकार सब कुछ भूल गई। आर्थिक तंगी के चलते किसान आज इतने बेबस हैं कि न तो अपने बच्चों की स्कूल की फीस भर पा रहे हैं और न ही अपने रोजमर्रा के जरूरी काम पूरे कर पा रहे हैं। चीनी मिलें इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके बंद होने से हजारों परिवारों के सामने सीधे तौर पर रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।
मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
समाजवादी पार्टी ने मंडलायुक्त के माध्यम से शासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बहेड़ी चीनी मिल की नीलामी को तुरंत निरस्त नहीं किया गया, किसानों का पूरा बकाया नहीं चुकाया गया और मिल को दोबारा शुरू करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। किसानों के हितों की रक्षा के लिए समाजवादी पार्टी पूरी ताकत के साथ सड़कों पर उतरकर व्यापक और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख नेता रहे शामिल
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों मुख्य रूप से सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, बहेड़ी विधायक एवं पूर्व मंत्री अताउर रहमान, विधायक शाहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री भगवत शरन गंगवार, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक पंडित आर.के. शर्मा और पूर्व विधायक विजयपाल सिंह मौजूद रहे। इनके साथ ही प्रमोद सिंह बिष्ट, अरविंद यादव, राजकुमार पाल, जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव, संजीव यादव, प्रमोद यादव, योगेश यादव, आदेश यादव और प्रवीन गंगवार सहित भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।