मीरगंज धड़ले में हो रहा खनन, माफिया सक्रिय या प्रशासन सोया?

मीरगंज के नल नगरिया गांव में भाखड़ा नदी के पास जेसीबी और डंपरों से अवैध खनन जारी है। हाई टेंशन लाइन और राहगीरों के लिए खतरा बढ़ा, ग्रामीण प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं।

मीरगंज धड़ले में हो रहा खनन, माफिया सक्रिय या प्रशासन सोया?
मीरगंज धड़ले में हो रहा खनन, माफिया सक्रिय या प्रशासन सोया?
HIGHLIGHTS:

➡️ भाखड़ा नदी के पुल से 100 मीटर की दूरी पर जेसीबी और डंपरों से खनन
➡️ हाई टेंशन लाइन के पास बढ़ रहा हादसे का खतरा
➡️ दिन-रात खनन से ग्रामीण और राहगीर परेशान
➡️ गड्डे और धूल से पर्यावरण और सुरक्षा पर संकट
➡️ प्रशासन की चुप्पी और माफिया की सक्रियता पर सवाल
➡️ एसडीएम ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं
➡️ यदि तुरंत रोक नहीं लगी, तो गंभीर हादसे और पर्यावरणीय नुकसान का खतरा

कर्ण पाल सिंह/ जन माध्यम

मीरगंज (जिला - [आपका जिला])।
भाखड़ा नदी के पुल से मात्र करीब 100 मीटर की दूरी पर मीरगंज क्षेत्र के नल नगरिया गांव में जेसीबी और डंपरों से अवैध खनन जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन माफिया प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे दिन-रात खनन कर रहे हैं, जिससे नदी किनारे बड़े-बड़े गड्डे बन गए हैं और पहाड़ी जैसा स्वरूप ले लिया है।

खबर के अनुसार, डंपरों से उठती धूल से राहगीर और ग्रामीण परेशान हैं। वहीं, जिस स्थान पर जेसीबी खुदाई कर रही है, उसके ठीक ऊपर हाई टेंशन लाइन का तार गुजर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खंभा कभी भी गिर सकता है और किसी भी पल बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं कि जब सब कुछ आंखों के सामने हो रहा है, तब भी क्यों कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि माफियाओं के खिलाफ शिकायत करने वालों को धमकी दी जाती है और प्रशासन उल्टा ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास करता है।

इस मामले में एसडीएम मीरगंज से बातचीत में उन्होंने कहा,
"मैंने हल्का लेखपाल लोकेंद्र सिंह को जांच के लिए भेजा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खनन वैध है या अवैध।"

ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो जेसीबी और डंपरों से हो रहे इस खनन से नदी और आसपास के इलाकों में गंभीर पर्यावरणीय और सुरक्षा खतरा बढ़ सकता है।