बरेली: करेली गांव में सार्वजनिक रास्ते और चकमार्ग पर अवैध कब्जे का आरोप
बरेली के थाना सुभाषनगर क्षेत्र के ग्राम करेली में सार्वजनिक चकमार्ग और रास्ते पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कराने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मिलकर जांच और पैमाइश की मांग की है।
गाटा संख्या 400 की 1600 वर्ग मीटर भूमि की आड़ में दबंगों द्वारा सार्वजनिक चकमार्ग को घेरकर निर्माण कराने का गंभीर आरोप लगा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध निर्माण का विरोध करने पर गांव के ही दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उन्हें सीधे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
पीड़ित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से राजस्व विभाग की टीम गठित कर जमीन की पैमाइश कराने और काम रुकवाने की गुहार लगाई है।
जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ चलाई जा रही सख्त मुहिम के बावजूद बरेली में जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला थाना सुभाषनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम करेली से सामने आया है। यहां सार्वजनिक रास्ते और सरकारी चकमार्ग पर कुछ रसूखदार लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण कार्य कराए जाने के विरोध में दर्जनों की संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की मांग की।
जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम करेली स्थित गाटा संख्या 400 जिसका कुल रकबा 1600 वर्ग मीटर है से संबंधित भूमि को कुछ बाहरी और स्थानीय लोगों ने खरीदा है। आरोप है कि इस भूमि की आड़ में गौस मोहम्मद, उसके भाई, इकबाल, तहीब हुसैन, आरिफ तथा ग्राम प्रधान के देवर तहूर ने मिलकर गांव के मुख्य चकमार्ग और आम जनता के इस्तेमाल वाले सार्वजनिक रास्ते को दबा लिया है। यह लोग पूरी दबंगई के साथ दिन-रात विवादित स्थल पर पक्का निर्माण कार्य करा रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब गांव के सीधे-साधे लोगों ने इस अवैध निर्माण और रास्ते को रोके जाने का शांतिपूर्ण विरोध किया, तो इन कथित भू-माफियाओं ने उन्हें गंभीर अंजाम भुगतने और जान से मारने की धमकी दी। ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण स्थल पर लगातार कुछ बाहरी और आपराधिक छवि के असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल व्याप्त है।
पीड़ित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सामूहिक रूप से मांग की है कि इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने कलेक्ट्रेट प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से विवादित स्थल पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रुकवाया जाए, राजस्व विभाग की एक निष्पक्ष टीम गठित कर मौके की सरकारी पैमाइश कराई जाए, चकमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराकर दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाने वाली इस टोली में मुख्य रूप से धर्मपाल, डोरीलाल, द्वारिका लाल, रामबहादुर साहू, रवि, गौरव, लालू, मीना साहू, सुखपाल, सीमा तथा टीकाराम सहित भारी संख्या में ग्राम करेली के महिला व पुरुष निवासी मौजूद रहे. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्ट्रेट अधिकारियों ने ग्रामीणों को त्वरित विधिक जांच का आश्वासन दिया है।