रोडवेज कर्मचारियों ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर उठाई आवाज
बरेली में रोडवेज कर्मचारियों ने संविदा कर्मियों को नियमित करने, लंबित डीए और अन्य मांगों को लेकर पुराने रोडवेज परिसर में धरना दिया।
रोडवेज कर्मचारियों ने संविदा कर्मियों को रिक्त पदों के सापेक्ष नियमित करने की मांग उठाई।
संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली, ईपीएफ और ईएसआई सुविधा की मांग।
लंबित डीए, बोनस, कैशलेस चिकित्सा और वेतन कटौती बंद करने समेत 10 सूत्रीय मांगें रखीं।
जन माध्यम
बरेली। रोज यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने वाले रोडवेज कर्मचारियों ने अब अपनी ही मंजिल तलाशने के लिए आवाज बुलंद की है। सेवा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों के निराकरण को लेकर उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ, संबद्ध भारतीय मजदूर संघ एवं भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने पुराने रोडवेज परिसर में धरना दिया। धरने का नेतृत्व क्षेत्रीय मंत्री रवि प्रकाश ने किया।
कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न समस्याएं विभाग के समक्ष उठाई जाती रही हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से असंतोष बना हुआ है। धरने के दौरान संविदा कर्मचारियों की सेवा से लेकर नियमित कर्मचारियों के भत्तों और सुविधाओं तक कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
क्षेत्रीय मंत्री रवि प्रकाश ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष पूर्व में हुई बैठक में कई मुद्दे रखे गए थे। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने निर्धारित मानकों के विपरीत रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ को दी गई मान्यता समाप्त करने की मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप संविदा कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली लागू करने और रिक्त पदों के सापेक्ष संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग रखी। इसके साथ ही मृतक आश्रितों की नियुक्ति क्षेत्रीय स्तर पर किए जाने तथा संविदा कर्मियों को ईपीएफ के साथ ईएसआई सुविधा देने की मांग भी उठाई गई।
कर्मचारियों ने नियमित कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और लंबित डीए की किस्तों का भुगतान कराने की मांग की। संविदा कर्मियों के वेतन में प्रत्येक छह माह पर 10 प्रतिशत वृद्धि की मांग भी रखी गई।
चालकों और परिचालकों के वेतन से ई-चालान तथा डीजल औसत के नाम पर की जाने वाली कटौती बंद करने की मांग ने भी धरने में जगह बनाई। कर्मचारियों का कहना था कि वेतन से जुड़ी ऐसी कटौतियों को लेकर उनकी चिंताएं दूर की जानी चाहिए।
कर्मचारियों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, दिवाली से पहले बोनस का भुगतान करने और अवैध संचालन पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा छठे और सातवें वेतनमान की अवशेष धनराशि का भुगतान कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
धरने में दशरथ प्रसाद यादव, देवेंद्र गंगवार, रवि प्रकाश, राघवेंद्र शर्मा, नरेंद्र प्रकाश सक्सेना, शाने हैदर, अमित कुमार, अरविंद, राजकुमार श्रीवास्तव, साधूराम दिवाकर, राजेंद्र पाली और शिव नारायण आदि मौजूद रहे।