साले की हत्या करने वाले बहनोई को आजीवन कारावास, जाने मामला...
बरेली। बरेली में साले की गोली मारकर हत्या करने वाले बहनोई को आजीवन साश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही डेढ़ लाख रूपये का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया है। यह राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। बताया जाता है कि आरोपी बहनोई अक्सर बहन के साथ घरेलू हिंसा (मारपीट) करता था। जिसके चलते मृतक अपने भाई और गांव के लोगों को लेकर बहनोई को समझाने आया था। मगर, बहनोई ने सभी की मौजूदगी में बहन के साथ मारपीट कर दी। जिसके चलते उन्हें समझाया गया, लेकिन उन्होंने ससुराल से आए लोगों पर ही अवैध तमंचे से फायरिंग कर दी। यह गोली सालों और भांजे के साथ कई अन्य लोगों को लग गई। इनको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मगर, साले की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले की अपर सत्र न्यायधीश (एडीजे) तबरेज अहमद ने सुनवाई कर आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही डेढ़ लाख रूपये का अर्थदंड लगाया है। यह जुर्माना राशि आरोपी पीड़ित परिवार को देगा।
इलाज के दौरान साले की मौत
बरेली देहात की आंवला कोतवाली थाना क्षेत्र के पेंगा गांव निवासी मुकेश कुमार की बहन की शादी भमौरा थाना क्षेत्र के दलीपुर गांव निवासी हरपाल के साथ हुई थी। मगर, आरोप है कि हरपाल बहन के साथ मारपीट करने लगा। बहन नेक्शों ने भाइयों को उत्पीड़न की जानकारी दी। उन्होंने बहनोई को काफी बार समझाया। मगर, वह नहीं माना। जिसके चलते 27 जुलाई, 2018 को भाई डालचंद, सुरेश, गांव के नन्हें लाल, पूरनलाल, सोहन लाल, सुरेश लाल आदि के साथ बहन के घर दलीपुर पहुंचे। यहां उन्होंने काफी समझाया। मगर, बहनोई ने किसी की नहीं सुनी। वह भाइयों और गांव के लोगों की मौजूदगी में ही बहन को पीटने लगा। इसका विरोध करने पर सालों पर ही फायरिंग कर दी।
अवैध तमंचे से फायरिंग में चार को लगी थी गोली
आरोपी हरपाल ने 315 बोर के अवैध तमंचे से ससुरालियों पर फायरिंग कर दी। इसमें साले डालचंद्र, भांजे विजय पाल सिंह, सोहन लाल और गांव के हेमराज के गोली लग गई। घायलों को बदायूं रोड के निजी अस्पताल में इलाज को भर्ती कराया गया। मगर, डालचंद की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में मृतक के भाई सुरेश ने भमौरा थाने में अपराध संख्या 252/2018 के तहत धारा 302,307 और 504 में मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमें की विवेचना सब इंस्पेक्टर जय प्रकाश ने की।
आरोपी के अधिवक्ता ने बचाव में पेश किए साक्ष्य
बरेली के अपर सत्र न्यायधीश एवं विशेष न्यायधीश भ्रष्टाचार निवारण (एचजेएस) तबरेज अहमद ने हत्या के संगीन मामले में सख्त फैसला सुनाया। इसमें धारा 302 में हरपाल को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। मगर, धारा 307 में 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रूपये अर्थदंड लगाया। इसके साथ जुर्माना राशि न देने पर डेढ़ वर्ष की अतिरिक्त सजा का फैसला सुनाया है। इस मामले में सरकारी सहायक शासकीय अधिवक्ता सचिन कुमार जायसवाल ने साक्ष्य पेश किए थे, जबकि आरोपी के अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने भी बचाव में साक्ष्य पेश किए। इसके साथ ही काफी तर्क दिए। मगर, आरोपी के खिलाफ काफी साक्ष्य थे। मुकदमें में घायल हेमराज,विजयपाल सिंह, सोहन लाल, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. युगल किशोर, विवेचक जयप्रकाश, इंस्पेक्टर विजय प्रताप सिंह, सब इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह, सिपाही अमर सिंह, पूरनलाल, इलाज करने वाले डॉक्टर देवेंद्र गर्ग, डॉक्टर अजमेर सिंह आदि ने गवाही दी।इसके बाद एडीजे तबरेज ने उम्रकैद की सजा सुनाई।