बरेली: मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी की अपील, मोहर्रम के जुलूस में डीजे पर लगाएं पूर्ण पाबंदी
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मोहर्रम को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं। उन्होंने जुलूस में डीजे के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने और ताजिए व अलम का साइज 10 फीट से छोटा रखने की अपील की है।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष ने साफ कहा कि मोहर्रम के जुलूस के पारंपरिक मार्गों पर कोई भी नई रीत या परंपरा न डाली जाए।
डीजे के तेज कानफाड़ू संगीत से पिछले वर्षों में बुजुर्गों और दिल के मरीजों को आए हार्ट अटैक का हवाला देते हुए इस पर सख्ती से रोक लगाने की वकालत की गई है।
देहाती इलाकों में होने वाले कॉम्पिटिशन को रोकने के लिए ताजिए और अलम की अधिकतम लंबाई 10 फीट रखने की अपील की ह।
जन माध्यम
बरेली। इस्लामी कैलेंडर के नए साल का आगाज होने के साथ ही मोहर्रम की पहली तारीख से ही मजहबी कार्यक्रमों और अकीदत का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कौम के नाम एक बेहद जरूरी और संवेनदशील अपील जारी की है। उन्होंने मोहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने, आपसी विवादों को टालने और कानून-व्यवस्था का सम्मान करने के उद्देश्य से कुछ जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने प्रेस को जारी किए गए अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अक्सर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ताजियादारों के बीच आपस में प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। इस होड़ के चक्कर में लोग बेहद ऊंचे और लंबे-लंबे ताजिए व अलम बना लेते हैं।
आगे चलकर जब ये जुलूस रास्तों से गुजरते हैं तो कहीं लटकते हुए बिजली के तारों को हटाने कहीं रास्ते के अवरोधों और कहीं हरे पेड़ों की टहनियों को काटने को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा हो जाता है। इन तमाम प्रशासनिक और सामाजिक दिक्कतों से बचने के लिए सभी ताजियादार अपने ताजिए और अलम की लंबाई 10 फीट से ज्यादा न रखें।
मौलाना बरेलवी ने जुलूस के आयोजकों और स्थानीय अंजुमनों से कड़ा रुख अपनाने को कहा है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि मोहर्रम गम और इबादत का महीना है, इसमें किसी भी अंजुमन को जुलूस के भीतर डीजे लाने की इजाजत बिल्कुल न दी जाए।
"गत वर्षों के दौरान यह देखा गया है कि डीजे के तेज बेस और कानफोड़ू आवाज के कारण रास्ते में मौजूद बुजुर्गों और हार्ट के मरीजों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, कई लोगों को दिल का दौरा पड़ा और असमय उनकी जान चली गई। इसलिए इंसानियत और मजहब के नाते डीजे के इस्तेमाल को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।"
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख ने अंत में सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील की कि मोहर्रम के जुलूसों को उनके पारंपरिक और प्रशासन द्वारा तय किए गए पुराने रूटों पर ही निकाला जाए। जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार की नई परंपरा, नया रूट या नया प्रदर्शन शुरू न किया जाए जिससे कि स्थानीय प्रशासन या अन्य समुदायों के साथ किसी भी प्रकार का टकराव या गतिरोध पैदा हो।