ग्रामीण युवाओं को शिक्षा के अवसरों से किया जागरूक

स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय ने मेरठ के ग्राम पेपला और अरनावली में शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।

ग्रामीण युवाओं को शिक्षा के अवसरों से किया जागरूक
HIGHLIGHTS:

सुभारती विश्वविद्यालय ने दो गांवों में शिक्षा जागरूकता अभियान चलाया।
युवाओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने शिक्षा को आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया।

जन माध्यम
 मेरठ।
स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय के उन्नत भारत प्रकोष्ठ द्वारा गोद लिए गए ग्राम पेपला और अरनावली में दो दिवसीय शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगारोन्मुखी अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों, युवाओं और अभिभावकों को बदलते शैक्षणिक परिवेश, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास योजनाओं तथा रोजगार से जुड़े विभिन्न विकल्पों की जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही आत्मनिर्भरता, रोजगार और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है।

उन्नत भारत प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. शशिराज तेवतिया ने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति है। उन्होंने युवाओं से उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने गांव और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सतवान, इंजीनियर इरबान, डॉ. मनोज कुमार, श्री मृगेश प्रताप तथा विश्वविद्यालय की सेंट्रल एडमिशन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं, प्रवेश प्रक्रिया और रोजगार की संभावनाओं पर भी विस्तृत जानकारी दी गई।

ग्राम प्रधान अनिल कुमार और धर्मेन्द्र के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और ग्रामीण शामिल हुए। समापन अवसर पर विश्वविद्यालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा जागरूकता और करियर मार्गदर्शन से जुड़े कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।