एक पल में उजड़ गई मेहनत
बरेली में SSP कार्यालय के बाहर दिनदहाड़े ई-रिक्शा चोरी; चालक अलाउद्दीन की आजीविका छिनी, रोते हुए पुलिस को शिकायत। सीसीटीवी जांच जारी, परिवार संकट में; सुरक्षा पर सवाल उठे।
➡️ बरेली SSP कार्यालय के बाहर दोपहर 1 बजे ई-रिक्शा चोरी, चालक अलाउद्दीन टूटा।
➡️ कलक्ट्रेट से लौटे तो वाहन गायब; डायल 112 पर शिकायत।
➡️ आजीविका का मुख्य साधन छिना, परिवार संकट में।
➡️ पुलिस सीसीटीवी जांच, कोतवाली में तहरीर; खुलासा का प्रयास।
➡️ घटना से सुरक्षा पर सवाल, जल्द वाहन बरामद की उम्मीद।
एसएसपी कार्यालय के बाहर दिनदहाड़े ई-रिक्शा चोरी, रोजी-रोटी छिनने से चालक टूट गया
डेस्क/ जन माध्यम
बरेली। जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान खींचने वाली एक घटना सोमवार को सामने आई, जब एसएसपी कार्यालय के बाहर दिनदहाड़े एक ई-रिक्शा चोरी हो गया। यह घटना दोपहर लगभग एक बजे की बताई जा रही है। ई-रिक्शा चालक को जब अपने वाहन के गायब होने की जानकारी हुई तो वह मानसिक रूप से टूट गया और वहीं बैठकर रोने लगा। मामले की सूचना पुलिस को दी गई है और जांच की जा रही है। सीबीगंज थाना क्षेत्र के बादशाह नगर निवासी अलाउद्दीन ने बताया कि वह एक मामले की तारीख लेने के लिए कलक्ट्रेट आया था। उसने एसएसपी कार्यालय के बाहर एक पेड़ के नीचे अपना ई-रिक्शा खड़ा किया और भीतर चला गया। कुछ समय बाद लौटने पर देखा कि ई-रिक्शा वहां नहीं था। काफी खोजबीन के बाद भी वाहन का पता नहीं चलने पर उसने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिलने के बाद पीड़ित को कोतवाली भेजा गया, जहां उसने लिखित शिकायत दी। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और ई-रिक्शा की तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं। ई-रिक्शा चोरी होने से अलाउद्दीन की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ा है। उसने बताया कि यही वाहन उसके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। इसी से घर का खर्च चलता है और बच्चों की पढ़ाई होती है। वाहन के अचानक गायब हो जाने से उसके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है, जिससे वह मानसिक तनाव में है। घटना का स्थान पुलिस के वरिष्ठ कार्यालय के पास होने के कारण लोगों में सुरक्षा को लेकर चर्चा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरी का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल पीड़ित परिवार को अपने वाहन के मिलने का इंतजार है, ताकि उनकी सामान्य जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सके।