चीनी मिलों की नीलामी रोकने की मांग

बहेड़ी चीनी मिल की भूमि नीलामी रद्द होने पर पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने खुशी जताई और बंद चीनी मिलों को चालू कर किसानों का बकाया भुगतान कराने की मांग की।

चीनी मिलों की नीलामी रोकने की मांग
पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार
HIGHLIGHTS:

• बहेड़ी चीनी मिल की भूमि नीलामी रद्द होने पर पूर्व मंत्री ने जताई खुशी।

• बंद चीनी मिलों को दोबारा संचालित करने और किसानों का बकाया भुगतान कराने की मांग।

• मिलों की जमीन बेचने के बजाय रोजगार और किसान हितों को प्राथमिकता देने की अपील।

मुम्ताज अली/जन माध्यम
बहेड़ी/बरेली।
बहेड़ी चीनी मिल की भूमि की नीलामी रद्द होने पर पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने प्रसन्नता व्यक्त की है। बरेली में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने इस निर्णय का श्रेय सामूहिक प्रयासों को देते हुए प्रदेश की अन्य बंद चीनी मिलों को पुनः संचालित करने और किसानों का बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि बरेली क्षेत्र की अधिकांश चीनी मिलें पहले से बंद हैं और अब बहेड़ी, नवाबगंज तथा पीलीभीत की बरखेड़ा चीनी मिल को भी बेचने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना था कि इससे किसानों और स्थानीय युवाओं के हित प्रभावित होंगे।

भगवत शरण गंगवार ने कहा कि बहेड़ी चीनी मिल की स्थापना के लिए उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में विशेष प्रयास किए थे। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबू कल्याण सिंह से आग्रह कर क्षेत्र में यह मिल स्थापित कराई गई थी।

पूर्व मंत्री ने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आर्थिक राहत दी है और राज्य सरकार ने किसानों के बकाया भुगतान के लिए धनराशि का प्रावधान भी किया है, तब भी गन्ना किसानों का भुगतान लंबित क्यों है। उन्होंने यह भी कहा कि एथेनॉल उत्पादन और शीरा कोटा संबंधी नीतिगत बदलावों के बाद चीनी उद्योग के लिए संभावनाएं बढ़ी हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि चीनी मिलों के बंद होने से क्षेत्र के चार हजार से अधिक युवाओं के रोजगार पर असर पड़ेगा। साथ ही आरोप लगाया कि मिलों की मूल्यवान भूमि पर कुछ लोगों की नजर है, जबकि इन इकाइयों को पुनर्जीवित कर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।

पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बरेली आगमन के दौरान किसानों के बकाया भुगतान और बंद चीनी मिलों के संचालन को लेकर स्पष्ट घोषणा करने की मांग की। उन्होंने प्रदेश की सभी चीनी मिलों की नीलामी प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की भी अपील की।