हर 14वें दिन लगेगा भगवान पार्श्वनाथ स्वास्थ्य महा शिविर, बरेली में जैन समाज की अनोखी पहल

बरेली के रामपुर गार्डन स्थित जैन मंदिर में श्री महावीर निर्वाण समिति द्वारा स्थायी रूप से 'भगवान पार्श्वनाथ स्वास्थ्य महा शिविर' का आयोजन किया जाएगा।

हर 14वें दिन लगेगा भगवान पार्श्वनाथ स्वास्थ्य महा शिविर, बरेली में जैन समाज की अनोखी पहल
HIGHLIGHTS:

बरेली के इतिहास में पहली बार किसी स्वास्थ्य शिविर को श्रृंखलाबद्ध और स्थायी रूप दिया गया है, जो हर महीने के दूसरे और चौथे रविवार को आयोजित होगा।

शिविर में एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक तीनों पद्धतियों के ढाई दर्जन से अधिक वरिष्ठ विशेषज्ञ और सर्जन सेवाएं देंगे।

मेदांता का सहयोग व फ्री जांच: मात्र 20 रुपये के पंजीकरण पर ईसीजी, शुगर, बीपी, बीएमडी समेत कई जांचें मेदांता अस्पताल गुरुग्राम के सहयोग से पूरी तरह निशुल्क होंगी।

चिन्हित मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन फेको विधि से बिना किसी खर्च के कराए जाएंगे, जिसमें चश्मा, लेंस, दवा और परिवहन भी फ्री रहेगा।

हसीन दानिश/जन माध्यम
बरेली। पीड़ित मानवता की सेवा और जीव कल्याण के संकल्प के साथ बरेली के सामाजिक इतिहास में एक अभूतपूर्व और स्थायी अध्याय जुड़ने जा रहा है। जैन समाज की अग्रणी संस्था 'श्री महावीर निर्वाण समिति' द्वारा महानगर में पहली बार पूर्णतः स्थायी और श्रृंखलाबद्ध रूप से "भगवान पार्श्वनाथ स्वास्थ्य महा शिविर" का आगाज किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक महा शिविर के विस्तृत स्वरूप को लेकर रामपुर गार्डन स्थित जैन मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

समिति के मीडिया प्रभारी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री सौरभ जैन ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि अमूमन स्वास्थ्य शिविर एक या दो दिन के लिए अल्पकालिक होते हैं, लेकिन भगवान महावीर स्वामी के जीव कल्याण के सिद्धांतों पर चलते हुए इस सेवा प्रकल्प को स्थायी बनाया गया है। यह महा शिविर प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ रविवार (यानी हर 14वें दिन) को प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जैन मंदिर, रामपुर गार्डन की अत्याधुनिक वातानुकूलित धर्मशाला में नियमित रूप से संचालित होगा।

शिविर के मुख्य संयोजक अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार जैन ने बताया कि इस महा शिविर की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बहुआयामी चिकित्सा पद्धति है। यहाँ एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक तीनों पद्धतियों के ढाई दर्जन (30 से अधिक) वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सक, सर्जन एवं फिजिशियन एक ही छत के नीचे बैठेंगे। इनमें हृदय, अस्थि, स्त्री रोग, न्यूरो, कैंसर, मधुमेह, चेस्ट, त्वचा, नेत्र, ईएनटी, दंत एवं बाल रोग जैसी गंभीर व्याधियों के डॉक्टर शामिल हैं।

मरीजों को परामर्श के बाद लावारिस न छोड़ते हुए उनके सुचारू उपचार के लिए सप्ताह में तीन दिन (शाम 6 से 7 बजे तक) जैन मंदिर परिसर में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा विशेष 'फॉलो-अप' सेवाएं भी दी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, होम्योपैथिक औषधालय पूर्व की भांति रोजाना सुबह 9 से 11 बजे तक खुला रहेगा।

समिति के सहयोगी मनीष जैन ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के बोझ को कम करने के लिए शिविर में आवश्यक प्राथमिक दवाएं पूरी तरह निशुल्क दी जाएंगी। इसके अलावा विशेष पेटेंट दवाओं पर 25 प्रतिशत तथा जेनेरिक दवाओं पर 50 प्रतिशत तक की भारी रियायत मिलेगी। शहर के नामचीन पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर्स ने भी इस पुण्य कार्य में हाथ बंटाते हुए सभी प्रकार की प्रमुख जांचों में 50 प्रतिशत की छूट देने पर सहमति जताई है।

पंजीकरण शुल्क मात्र 20 रुपये तय किया गया है, जिसके अंतर्गत वजन, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन, शुगर के साथ-साथ ईसीजी (ECG), बीएमडी (BMD) एवं पीएफटी (PFT) जैसी महंगी जांचें पूरी तरह मुफ्त होंगी। इन तकनीकी जांचों में देश के विख्यात मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम द्वारा अपनी अत्याधुनिक मशीनों और पैरामेडिकल स्टाफ के जरिए विशेष तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. पी.के. जैन ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि शिविर के दौरान जिन भी मरीजों में मोतियाबिंद की शिकायत पाई जाएगी, उनके ऑपरेशन निजी मेडिकल कॉलेज में आधुनिक 'फेको विधि' (बिना टांके वाले ऑपरेशन) से पूरी तरह निशुल्क कराए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में लगने वाला लेंस, चश्मा, अस्पताल में भर्ती, भोजन और यहां तक कि मरीज को घर से अस्पताल लाने-ले जाने के लिए परिवहन (गाड़ी) की व्यवस्था भी समिति द्वारा बिना किसी शुल्क के वहन की जाएगी। समिति ने बरेली मंडल और आसपास के ग्रामीण इलाकों के आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस स्थायी महा शिविर का संदेश हर जरूरतमंद तक पहुंचाएं ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी इसका नियमित लाभ मिल सके।