मौत के मांझे पर पुलिस का प्रहार
चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्ती, दुकानदारों से लेकर ऑनलाइन विक्रेताओं तक पर रहेगी नजर।
• बरेली रेंज में चाइनीज और सिंथेटिक मांझे के खिलाफ अभियान तेज किया गया।
• बिक्री, भंडारण और उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश।
• ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर हो रही बिक्री पर भी साइबर सेल रखेगी नजर।
जन माध्यम
बरेली। आसमान में उड़ती पतंगें हमेशा खुशियों, उत्साह और बचपन की मासूम मुस्कान की पहचान रही हैं। लेकिन जब इन्हीं पतंगों की डोर मौत का पैगाम बनने लगे, जब सड़क पर गुजरते किसी बेगुनाह की गर्दन लहूलुहान हो जाए, जब बेजुबान पक्षी आसमान से तड़पकर जमीन पर गिर पड़ें, तब यह केवल खेल नहीं रह जाता, बल्कि एक गंभीर खतरे का रूप ले लेता है। ऐसे ही जानलेवा सिंथेटिक और चाइनीज मांझे के खिलाफ अब बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने निर्णायक लड़ाई छेड़ दी है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी के निर्देशन में बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि चाइनीज और सिंथेटिक मांझे के भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। यदि कोई दुकानदार चोरी-छिपे इस प्रतिबंधित मांझे की बिक्री करता पाया गया तो उसके खिलाफ भारी जुर्माने के साथ दुकान का लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस ने केवल बाजारों तक ही अपनी निगाह सीमित नहीं रखी है, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स वेबसाइटों के जरिए होने वाली बिक्री पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साइबर सेल ऐसे लोगों को चिन्हित करेगी जो इस खतरनाक कारोबार से जुड़े हैं और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
निर्देशों के अनुसार, चाइनीज मांझे की बिक्री या उपयोग में पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही पहले से दर्ज मामलों की न्यायालयों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि यह केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि इंसानी जिंदगी और पर्यावरण की हिफाजत का सवाल है। इसी उद्देश्य से व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि लोग इस जानलेवा मांझे के दुष्परिणामों को समझ सकें।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने आमजन से अपील की है कि पतंगबाजी के लिए केवल सुरक्षित सूती धागे का ही इस्तेमाल करें और चाइनीज मांझे का पूरी तरह बहिष्कार करें। उन्होंने कहा कि एक क्षण का रोमांच किसी की जिंदगी की आखिरी सांस न बन जाए, इसलिए समाज को भी इस मुहिम में भागीदार बनना होगा। क्योंकि असली खुशी वही है, जिसमें किसी की जान, किसी का सपना और किसी बेजुबान परिंदे की उड़ान सुरक्षित रह सके।