आफताब आई केयर सेंटर में रोज़ेदारों के लिए खास इफ्तार, भावुक माहौल ने छुआ दिल
बरेली के आफताब आई केयर सेंटर में खास इफ्तार का आयोजन। डॉ. आफताब आलम ने रोज़ेदारों को इफ्तार कराकर नेकी और भाईचारे का संदेश दिया।
आफताब आई केयर सेंटर में खास इफ्तार का आयोजन
डॉ. आफताब आलम ने खुद रोज़ेदारों को कराया इफ्तार
नेकी और सवाब का दिया भावुक संदेश
कार्यक्रम में कई डॉक्टर और स्टाफ सदस्य रहे मौजूद
हसीन दानिश । जन माध्यम
बरेली। जब रोज़ा खोलने से पहले उठे हाथों में सिर्फ़ दुआ नहीं, बल्कि इंसानियत का जज़्बा भी हो… वही है रमज़ान का असली पैग़ाम।
रहमत भरी शाम में इफ्तार का आयोजन
रमज़ान की पवित्र शाम में बरेली के आफताब आई केयर सेंटर में एक खास इफ्तार का आयोजन किया गया, जिसने रोज़ेदारों के दिलों को छू लिया। इस आयोजन में न सिर्फ़ रोज़ेदारों की भूख-प्यास मिटाई गई, बल्कि उन्हें इबादत और नेकी की अहमियत भी समझाई गई। पूरा माहौल अल्लाह की याद और भाईचारे की खुशबू से महक उठा।
डॉ. आफताब आलम ने खुद कराया इफ्तार
इस खास मौके पर डॉ. आफताब आलम ने खुद रोज़ेदारों को इफ्तार कराया। उन्होंने भावुक अंदाज़ में रोज़ा इफ्तार की फज़ीलत और सवाब के बारे में बताया। हदीस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो किसी रोज़ेदार को इफ्तार कराता है, उसे भी उतना ही सवाब मिलता है। उनका यह संदेश वहां मौजूद हर शख्स के दिल में उतर गया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
इंतज़ाम में दिखी एकजुटता और सेवा भावना
कार्यक्रम को सफल बनाने में सेंटर के मैनेजर वसीम अंसारी की अहम भूमिका रही। उन्होंने पूरे इंतजाम को बेहतरीन तरीके से संभाला। इस मौके पर डॉ. फहद बिन हामिद, डॉ. मोहम्मद कलीम, डॉ. खालिक अंसारी, डॉ. ज़हीर, डॉ. सलीम, डॉ. नाज़िर और डॉ. कय्यूम खान सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को यादगार बना दिया।
रमज़ान की असली रूह का संदेश
यह इफ्तार सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि रमज़ान की असली भावना का प्रतीक था—जहां नेकी, भाईचारा और इबादत एक साथ नजर आए। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और इंसानियत को मजबूत करने का काम करते हैं। डॉ. आफताब आलम और उनकी टीम की यह पहल एक मिसाल बनकर सामने आई है।