बारिश और जाम के बीच छात्रा को समय पर पहुंचाया परीक्षा केंद्र

बदायूं में भारी बारिश और जाम के बीच पूर्व जिला महामंत्री अजय राजपूत ने समय रहते छात्रा को टीईटी परीक्षा केंद्र पहुंचाकर परीक्षा दिलाने में मदद की।

बारिश और जाम के बीच छात्रा को समय पर पहुंचाया परीक्षा केंद्र
HIGHLIGHTS:

भारी बारिश और जाम के बीच छात्रा की परीक्षा छूटने से बची।

अजय राजपूत ने कार छोड़ स्कूटी से छात्रा को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाया।

टीम के अन्य सदस्यों ने भी दो छात्राओं को समय रहते परीक्षा केंद्र पहुंचाया।

जन माध्यम
शाही।
बदायूं में मूसलाधार बारिश और भीषण जाम के बीच मानवता की एक मिसाल देखने को मिली। परीक्षा छूटने की कगार पर पहुंची एक छात्रा को समय रहते परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में पूर्व जिला महामंत्री अजय राजपूत और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस प्रयास से छात्रा समय पर टीईटी परीक्षा में शामिल हो सकी।

जानकारी के अनुसार, मीरगंज विधानसभा क्षेत्र के कुल्चा गांव की एक छात्रा अपने पिता के साथ बरेली से किराये के ऑटो से टीईटी परीक्षा देने बदायूं जा रही थी। शहर में भारी बारिश और जाम के चलते उनका वाहन बीच रास्ते में फंस गया। परीक्षा केंद्र लगभग 30 किलोमीटर दूर था और परीक्षा शुरू होने में मात्र 30 मिनट शेष थे। परीक्षा छूटने की आशंका से छात्रा भावुक हो गई।

इसी दौरान मौके पर मौजूद अजय राजपूत ने छात्रा और उसके पिता को अपनी कार में बैठाकर परीक्षा केंद्र के लिए रवाना किया। हालांकि शहर के भीतर भारी जाम के कारण कार आगे नहीं बढ़ सकी। जब परीक्षा शुरू होने में करीब 15 मिनट बचे और परीक्षा केंद्र लगभग चार किलोमीटर दूर था, तब उन्होंने कार छोड़कर स्कूटी का सहारा लिया और तेज बारिश के बीच छात्रा को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।

बताया गया कि अजय राजपूत ने संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे अभ्यर्थियों के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध भी किया। वहीं उनकी टीम के सदस्य रवि मौर्य, दीनानाथ कश्यप, तुलसी मौर्य, प्रदीप और योगेंद्र कुमार ने भी दो अन्य छात्राओं को समय रहते परीक्षा केंद्र पहुंचाने में सहयोग किया।

परीक्षा के बाद छात्रा ने अजय राजपूत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली इस मदद से उसका पूरा वर्ष खराब होने से बच गया। वहीं अजय राजपूत ने कहा कि उन्होंने केवल अपना मानवीय और सामाजिक दायित्व निभाया है। भारी बारिश और विपरीत परिस्थितियों में किया गया यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे मानवता तथा सामाजिक संवेदनशीलता की प्रेरक मिसाल के रूप में देख रहे हैं।