हल्की बारिश में जलभराव, नगर निगम के दावों पर सवाल
मथुरा में हल्की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। पीएनजी पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढों और जाम नालों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हल्की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में हुआ जलभराव।
पीएनजी पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढे बने हादसों की वजह।
नालों की सफाई के दावों पर उठे सवाल, लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की।
जन माध्यम
मथुरा। मथुरा में गुरुवार दोपहर हुई हल्की बारिश ने नगर निगम के नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी। शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दो फीट से अधिक पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित रहा।
बीते दिनों पीएनजी गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए चंदनवन, डैंपियर नगर समेत कई कॉलोनियों में सड़कें खोदी गई थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने के बाद गड्ढों को मानकों के अनुरूप नहीं भरा गया। बारिश के बाद मिट्टी धंसने से सड़क किनारे गहरे गड्ढे और दलदल बन गए, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया।
बारिश के दौरान नालों से पानी की निकासी सुचारु नहीं होने के कारण चंदनवन, पुष्पांजलि, वार्ड-59 सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। भूतेश्वर से लेकर स्टेट बैंक चौराहे तक करीब तीन घंटे तक सड़कें पानी में डूबी रहीं। जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम लगातार नालों की सफाई का दावा करता रहा है, लेकिन पहली ही बारिश में व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। लोगों ने मांग की है कि अस्थायी उपायों के बजाय जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर बारिश में शहरवासियों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।