टीईटी से स्थायी राहत की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर बरेली में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी राहत देने की मांग उठाई।
• टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को स्थायी राहत देने की मांग उठी।
• राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर बरेली समेत प्रदेश के सभी जिलों में प्रदर्शन हुआ।
• शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
रविंद्र सिंह/जन माध्यम
बरेली। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) के आह्वान पर गुरुवार को बरेली में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। संगठन के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।
शिक्षकों की प्रमुख मांग वर्ष 2010 से पूर्व देशभर में तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किए जाने की है। प्रदर्शन का नेतृत्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष और जिला महामंत्री सुनील कुमार शर्मा ने किया।
ज्ञापन में कहा गया कि 23 अगस्त 2010 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने टीईटी को न्यूनतम अर्हता के रूप में अधिसूचित किया था। इससे पहले नियुक्त लाखों शिक्षक तत्कालीन नियमों के तहत विधिवत चयनित होकर वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।
जिला महामंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि संगठन 29 मई 2026 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पुनर्विचार याचिकाओं पर दिए गए निर्णय का सम्मान करता है, लेकिन शिक्षकों के सेवा हितों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार और संसद को आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
जिला संगठन मंत्री सत्यार्थ पाराशरी ने कहा कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा, वरिष्ठता और पदोन्नति संबंधी अधिकारों का संरक्षण किया जाना चाहिए। वहीं जिला कोषाध्यक्ष परीक्षित गंगवार ने कहा कि दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों के अनुभव और योगदान का सम्मान किया जाना आवश्यक है।
प्रदर्शन में संरक्षक होते लाल दीक्षित, जिलाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शरद कुमार दीक्षित, पारूल चन्द्रा, डॉ. शिखा अग्रवाल, ऊषा देवी, शालिनी सक्सेना, निमित पाठक सहित जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया।