मथुरा: तेज आंधी और बारिश से विद्युत व्यवस्था हुई ध्वस्त

मथुरा समाचार: तेज आंधी और बारिश के कारण पंचानवे बिजली के खंभे टूटे और आठ ट्रांसफॉर्मर फुंके। कई क्षेत्रों में घंटों गुल रही बत्ती।

मथुरा: तेज आंधी और बारिश से विद्युत व्यवस्था हुई ध्वस्त
HIGHLIGHTS:

जनपद में आई तेज आंधी और झमाझम बारिश के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमराई।

तेज हवाओं के चलते जिलेभर में करीब पंचानवे विद्युत खंभे क्षतिग्रस्त हुए और आठ ट्रांसफॉर्मर भी फुंके।

गोवर्धन, बलदेव, कोसी और मांट सहित ग्रामीण और शहरी इलाकों के हजारों उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ी भारी परेशानी।

मौसम शांत होने के बाद विद्युत निगम की विभिन्न टीमों ने युद्धस्तर पर रातभर मरम्मत कार्य चलाकर आपूर्ति कराई बहाल।

श्याम बिहारी भारगव / जन माध्यम
मथुरा।
मथुरा जनपद में अचानक आए मौसम के बदलाव, तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने के साथ-साथ पूरी विद्युत व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। अनेक स्थानों पर विशालकाय पेड़ों की शाखाएं टूटने और होर्डिंग्स गिरने की वजह से मुख्य लाइन के तार टूट गए, जिससे हजारों घरों में घंटों तक अंधेरा पसरा रहा।

विद्युत निगम से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा की वजह से पूरे जनपद में करीब पंचानवे विद्युत खंभे धराशायी हो गए और आठ बड़े ट्रांसफॉर्मर भी पूरी तरह फुंक गए। आंधी की तीव्रता को देखते हुए विभाग ने एहतियातन कई संवेदनशील इलाकों की बिजली आपूर्ति पहले ही बंद कर दी थी, लेकिन तेज हवाओं के तांडव के कारण गोवर्धन में चौबीस, कोसी में पैंतीस, मांट में तेईस और बलदेव क्षेत्र में तेरह खंभे जमीन पर आ गिरे।

इस अप्रत्याशित खराबी के कारण मथुरा शहर के कई रिहायशी मोहल्लों और ग्रामीण अंचलों में देर रात तक बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। बिजली गुल रहने के कारण स्थानीय नागरिकों को भीषण गर्मी और उमस के बीच रात गुजारनी पड़ी। पेयजल आपूर्ति से लेकर रोजमर्रा के अन्य जरूरी काम भी इस बिजली संकट की वजह से बुरी तरह प्रभावित दिखे। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा नुकसान ओवरहेड लाइनों को पहुंचा है, जिससे फाल्ट ढूंढने में काफी समय लगा।

मौसम के शांत होने के तुरंत बाद विद्युत निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग तकनीकी टीमों को मैदान में उतारा। मुख्य अभियंता राजीव गर्ग स्वयं रातभर कंट्रोल रूम में बैठकर स्थिति की निगरानी करते रहे और मरम्मत कार्य की प्रगति की लगातार जानकारी लेते रहे। विभागीय कर्मचारियों ने रातभर मुस्तैदी दिखाते हुए गिरे हुए खंभों को सीधा करने, टूटे तारों को जोड़ने और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदलने का काम किया, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से सामान्य बनाया जा सका।