बरेली: हाफिजगंज में चोरों का तांडव, एक ही रात में 5 घरों के तोड़े ताले
बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के रिठौरा मुल्लापुर गांव में रविवार तड़के अज्ञात चोरों ने पांच घरों को निशाना बनाया। पुलिस गश्त पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जताया भारी आक्रोश।
सिलसिलेवार वारदात: रविवार तड़के 2 से 3:30 बजे के बीच सोते रहे परिवार और चोरों ने 5 घरों को खंगाल डाला।
लाखों की चपत: नोशेखां, परवेज, इरफान, आसिफ और आरिफ के घरों से सोने-चांदी के पुश्तैनी जेवर और भारी नकदी साफ।
सुरक्षा पर सवाल: ग्रामीणों का सीधा आरोप—क्षेत्र में नाममात्र की हो रही है पुलिस गश्त, चोरों में खाकी का कोई खौफ नहीं।
हसीन दानिश/जन माध्यम
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में ग्रामीण अंचलों की सुरक्षा व्यवस्था और रात्रि पुलिस गश्त के दावों की हवा एक बार फिर निकल गई है। जनपद के थाना हाफिजगंज क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव रिठौरा मुल्लापुर में रविवार तड़के शातिर चोरों ने एक बड़े दुस्साहसिक घटनाक्रम को अंजाम दिया। बेखौफ अपराधियों ने एक या दो नहीं, बल्कि सिलसिलेवार ढंग से कुल पांच अलग-अलग घरों को अपना निशाना बनाया और वहां रखी लाखों रुपये की संपत्ति समेटकर रफूचक्कर हो गए। इस सामूहिक चोरी की घटना से पूरे इलाके में दहशत और स्थानीय पुलिस के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है।
डेढ़ घंटे तक चलता रहा 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'
पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह वारदात रविवार तड़के लगभग 2:00 बजे से 3:30 बजे के बीच की है। जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था, तब अज्ञात चोरों का गिरोह गांव में दाखिल हुआ। चोरों ने पूरी रेकी के साथ गांव के ही रहने वाले नोशेखां, परवेज खां, इरफान खां, आसिफ और आरिफ के रिहायशी मकानों की घेराबंदी की।
थाना हाफिजगंज में दिए गए सामूहिक शिकायती प्रार्थना पत्र में पीड़ितों ने बताया कि चोर अलमारियों और बक्सों के ताले तोड़कर बच्चों की चांदी की पायल, सोने की अंगूठियां, नथ, कीमती लॉकेट, कुंडल, सोने के हार, टाक, पेंडल समेत घर में रखी हजारों रुपये की नकदी समेट ले गए।
दीवार में लगाई नकब, बिखरा मिला सामान
तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि चोरों ने घर के अंदर दाखिल होने के लिए कितना शातिर रास्ता अपनाया। कोलाज के बाईं तरफ दिख रहा है कि चोरों ने पक्की ईंटों की कच्ची जुड़ाई वाली दीवार को बेहद शातिराना अंदाज में काटकर (नकब लगाकर) अंदर घुसने का रास्ता बनाया। वहीं दाईं तरफ की तस्वीर बयां कर रही है कि चोरी के बाद कमरे के अंदर बेड पर लाल मखमल वाला कीमती जेवरात का डिब्बा पूरी तरह खाली और खुला पड़ा है, जिसका सारा सामान अपराधी अपने साथ बटोर ले गए।
'कागजों पर दौड़ रही है पुलिस की गश्त'
इस बड़ी वारदात के बाद सुबह जैसे ही ग्रामीणों की आंख खुली, गांव में कोहराम मच गया। घटना स्थल पर जमा हुए सैकड़ों ग्रामीणों ने हाफिजगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से छोटी-बड़ी चोरियां हो रही हैं, लेकिन पुलिस लकीर पीटती रह जाती है।
ग्रामीणों ने आक्रोशित लहजे में पूछा कि जब डेढ़ घंटे तक चोर एक के बाद एक पांच घरों के ताले चटका रहे थे और दीवारें ढहा रहे थे, तब आखिर पुलिस की गश्त गाड़ी कहां थी? क्या पुलिस की मुस्तैदी सिर्फ कागजी आंकड़ों और कागजों में दर्ज एंट्री तक ही सीमित है?
ग्रामीणों ने दी उच्चाधिकारियों के घेराव की चेतावनी
लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं से सहमे रिठौरा मुल्लापुर के वासियों का कहना है कि अगर पुलिस वाकई सक्रिय होती, तो अपराधियों में कानून का कुछ तो खौफ होता। पीड़ित परिवारों ने कोतवाली में तहरीर देकर जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज करने, चोरों की सुरागकशी करने और चोरी गया माल शत-प्रतिशत बरामद कराने की गुहार लगाई है। वहीं क्षेत्रीय संभ्रांत लोगों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि हाफिजगंज पुलिस ने अगले कुछ दिनों के भीतर इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश नहीं किया, तो वे एसएसपी कार्यालय का घेराव कर बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि पुलिस कब तक इन शातिर चोरों की गिरेबान तक पहुंच पाती है।