67.40 करोड़ का हाईटेक सर्किट हाउस जनवरी 2027 तक होगा तैयार
यूपी के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने मथुरा में ₹67.40 करोड़ की लागत से बन रहे अत्याधुनिक सर्किट हाउस का औचक निरीक्षण किया और तय समय सीमा में काम पूरा करने की चेतावनी दी।
9782.62 वर्ग मीटर में फैल रहे इस उच्च स्तरीय सुविधायुक्त सर्किट हाउस का अब तक 29 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम: मंत्री संदीप सिंह ने कार्यदाई संस्था को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम की रफ्तार तेज करने और गुणवत्ता से समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए।
अत्याधुनिक सुविधाएं: नए वीवीआईपी परिसर में 4 वीआईपी रूम, 10 जनरल रूम, 18 सिंगल सीटर रूम सहित भव्य कॉन्फ्रेंस और डाइनिंग हॉल का निर्माण किया जा रहा है।
श्याम बिहारी भार्गव/जन माध्यम
मथुरा (विशेष रिपोर्ट: श्याम बिहारी भार्गव)। धार्मिक और पर्यटन नगरी मथुरा में देश-विदेश के अतिविशिष्ट मेहमानों और प्रशासनिक अधिकारियों की मेजबानी के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने मथुरा में निर्माणाधीन उच्च स्तरीय सुविधायुक्त अत्याधुनिक सर्किट हाउस का धरातल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ प्रशासनिक अमला और कार्यदाई संस्था के आला अफसर मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मंत्री संदीप सिंह ने सबसे पहले मौके पर लगाए गए कार्य के संक्षिप्त विवरण बोर्ड और नक्शे का बारीकी से अवलोकन किया। जैसा कि इस प्रशासनिक हलचल की तस्वीर में साफ तौर पर देखा जा सकता है, मंत्री जी निर्माण स्थल पर खड़े होकर अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब कर रहे हैं और मीडिया कर्मी व सुरक्षा बल मुस्तैदी से व्यवस्था संभाले हुए हैं।
मौके पर मौजूद उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड मैनपुरी इकाई के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि इस मेगा प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹67.40 करोड़ है, जिसका निर्माण कार्य 10 अक्टूबर 2025 को शुरू किया गया था। इस भव्य परिसर को पूरा करने की अंतिम समय सीमा (डेडलाइन) 09 जनवरी 2027 तय की गई है।
जब मंत्री संदीप सिंह ने अब तक की भौतिक प्रगति की रिपोर्ट मांगी, तो अधिकारियों ने अवगत कराया कि वर्तमान में 29 प्रतिशत निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है। इस पर असंतोष और तत्परता जताते हुए माननीय मंत्री ने मौके पर ही निर्देश जारी किए:
"काम की रफ्तार में तेजी लाएं। निर्माण स्थल पर मजदूरों और लेबर की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए ताकि प्रोजेक्ट अपनी समयबद्धता के साथ पूरा हो सके। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्माण की गुणवत्ता में रत्ती भर भी कमी नहीं आनी चाहिए। अधिकारी मानकों के अनुरूप काम सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से औचक निरीक्षण करें।